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Nagpur News: समृद्धि महामार्ग पर साढ़े तीन साल में 572 मौतें,633 हादसों में गई जान, सिर्फ 8 महीनों में 128 लोगों की मौत

Nagpur News नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग हादसों का खतरनाक हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। पिछले करीब साढ़े तीन साल में इस हाईवे पर हुए 633 सड़क हादसों में 572 लोगों की मौत हो चुकी है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) से सामने आए आंकड़ों ने महामार्ग पर बढ़ते हादसों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आठ महीने में 142 हादसे, 128 मौतें
आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2022 से 31 जनवरी 2026 के बीच समृद्धि महामार्ग पर 491 हादसे हुए। इनमें 444 लोगों की जान चली गई। इसके बाद जनवरी से अगस्त 2026 तक सिर्फ आठ महीनों में 142 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 128 लोगों की मौत हुई। यानी इस अवधि में औसतन हर दो दिन में लगभग एक व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत हुई।
शुक्रवार के हादसे में सात लोगों की मौत
शुक्रवार तड़के शेगांव से दुर्गा देवी की मूर्ति लेकर वर्धा जा रहे वाहन को धामणगांव के पास पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि सात लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना चैनल नंबर 97 के पास हुई। इससे पहले जून में धामणगांव रेलवे के पास चैनल नंबर 105 के आसपास सड़क किनारे खड़े कंटेनर से एक कार टकरा गई थी। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हुई थी।
रात में ज्यादा हादसे
समृद्धि महामार्ग ने नागपुर से मुंबई के बीच यात्रा का समय काफी कम किया है। हालांकि, इस तेज रफ्तार हाईवे पर लगातार हो रहे हादसे चिंता बढ़ा रहे हैं। अध्ययनों में हादसों के पीछे कई कारण सामने आए हैं। इनमें ‘हाईवे हिप्नोसिस’ भी शामिल है। लंबे और सीधे हाईवे पर बिना किसी बड़े अवरोध के लगातार वाहन चलाने से चालक की सतर्कता कम हो सकती है और प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।अध्ययन के अनुसार, करीब 33% हादसों के पीछे हाईवे हिप्नोसिस को एक कारण बताया गया है। खास बात यह है कि समृद्धि महामार्ग पर बड़ी संख्या में हादसे रात के समय होने की बात सामने आई है।
लेन बदलते समय लापरवाही भी बड़ा कारण
हादसों का एक प्रमुख कारण लेन कटिंग भी बताया गया है। बिना पर्याप्त सावधानी के एक लेन से दूसरी लेन में जाने पर पीछे से आ रहे वाहन के चालक को अचानक रास्ता बदलने वाले वाहन का अंदाजा नहीं मिल पाता। इससे टक्कर की स्थिति बन जाती है। अध्ययन में यह भी सामने आया है कि करीब 51% ट्रक चालक लेन बदलने से जुड़े नियमों का पालन नहीं करते। तेज रफ्तार वाहनों वाले इस महामार्ग पर ऐसी लापरवाही गंभीर हादसों का कारण बन सकती है।
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Created On :   2 Oct 2026 4:55 PM IST














