चीन के मिसाइल परीक्षण से बढ़ी क्षेत्रीय चिंता, जापान और ताइवान समेत कई देशों ने जताई आपत्ति

चीन के मिसाइल परीक्षण से बढ़ी क्षेत्रीय चिंता, जापान और ताइवान समेत कई देशों ने जताई आपत्ति
चीन की सेना ने सोमवार को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली एक पनडुब्बी से सफलतापूर्वक प्रशांत महासागर की ओर एक मिसाइल का परीक्षण किया। जापानी मीडिया के मुताबिक, इस परीक्षण के बाद इलाके के कई देशों ने चिंता जताई है।

टोक्यो, 6 जुलाई (आईएएनएस)। चीन की सेना ने सोमवार को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली एक पनडुब्बी से सफलतापूर्वक प्रशांत महासागर की ओर एक मिसाइल का परीक्षण किया। जापानी मीडिया के मुताबिक, इस परीक्षण के बाद इलाके के कई देशों ने चिंता जताई है।

जापान सरकार के प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने बताया कि मिसाइल न तो जापान के क्षेत्र के ऊपर से गुजरी और न ही उसके एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में गई। उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने की जानकारी पहले से ही जापान को दे दी थी।

हालांकि, किहारा ने चीन की आलोचना करते हुए कहा कि वह बिना पर्याप्त पारदर्शिता के लगातार तेजी से अपना रक्षा बजट बढ़ा रहा है और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों समेत अपनी परमाणु मिसाइल क्षमता का तेजी से और बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहा है।

उन्होंने बताया कि इस मिसाइल परीक्षण से जापान के किसी जहाज या विमान को कोई नुकसान नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने चिंता जताई और कहा कि जापान पूरी सतर्कता बनाए रखेगा।

जापानी सरकार के मुताबिक, चीन ने सुबह करीब 11:30 बजे मिसाइल परीक्षण की जानकारी दी थी। इसके बाद जापान ने चीन से कहा कि वह ऐसे मिसाइल परीक्षणों पर दोबारा विचार करे ताकि जापान की सुरक्षा को कोई खतरा न हो। जापान ने चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर भी अपनी गंभीर चिंता जताई।

ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने भी इस मिसाइल परीक्षण की निंदा की। उनका कहना था कि चीन इस तरह के परीक्षणों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को डराने की कोशिश कर रहा है और यह कदम दुनिया में शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचाता है।

क्योडो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय की प्रवक्ता कैरेन कुओ ने चीन से संयम बरतने, नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का सम्मान करने और ऐसे गैर-जिम्मेदाराना एकतरफा कदम तुरंत बंद करने की अपील की।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने भी इस मिसाइल परीक्षण पर प्रतिक्रिया दी। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए अस्थिरता बढ़ाने वाला कदम बताया। वहीं, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा कि उनका देश परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइल के इस परीक्षण को लेकर गहरी चिंता में है।

पीटर्स ने कहा कि यह परीक्षण चीन के उसी लगातार चल रहे रुख का हिस्सा लगता है, जैसा उसने 2024 में दक्षिणी प्रशांत महासागर में एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण करके दिखाया था।

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Created On :   6 July 2026 10:02 PM IST

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