मणिपुर में शांति मिशन तेज, नागा-कुकी तनाव कम करने मैदान में उतरे चर्च नेता

मणिपुर में शांति मिशन तेज, नागा-कुकी तनाव कम करने मैदान में उतरे चर्च नेता
मणिपुर में नागा और कुकी समुदायों के बीच बढ़ते जातीय तनाव को कम करने के लिए चर्च नेताओं ने अब शांति मिशन को और तेज कर दिया है।

इंफाल, 19 मई (आईएएनएस)। मणिपुर में नागा और कुकी समुदायों के बीच बढ़ते जातीय तनाव को कम करने के लिए चर्च नेताओं ने अब शांति मिशन को और तेज कर दिया है।

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात के एक दिन बाद मंगलवार को 10 सदस्यीय चर्च नेताओं का दल नागा बहुल सेनापति जिले पहुंचा, जहां उन्होंने विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत कर हालात को सामान्य बनाने की कोशिश की।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, चर्च नेताओं ने सेनापति जिले में यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी), नागा पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन और अन्य सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों से यूनाइटेड नागा काउंसिल के कार्यालय में मुलाकात की। बैठक में नागा और कुकी समुदायों के बीच जारी तनावपूर्ण स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस दौरान 13 मई को तीन चर्च नेताओं की हत्या के बाद पैदा हुए संकट और बंधक बनाए गए लोगों के मामले पर भी विचार-विमर्श हुआ। चर्च नेताओं ने दोनों समुदायों से मानवीय आधार पर सभी बंधकों को बिना किसी शर्त के रिहा करने की अपील की।

काउंसिल ऑफ बैपटिस्ट चर्चेज इन नॉर्थईस्ट इंडिया के महासचिव रेव. डॉ नामसेंग आर. मराक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पीड़ित परिवारों के लिए बेहद कठिन समय है। उन्होंने सभी समुदायों से संयम बरतने, धैर्य बनाए रखने और माफी व शांति की भावना के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

मराक ने कहा कि चर्च नेताओं ने पहले ही नागा और कुकी दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है और उन्हें उम्मीद है कि यूनाइटेड नागा काउंसिल के नेताओं के साथ हुई चर्चा से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

उन्होंने लोगों से अफवाहों और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने की भी अपील की। साथ ही कहा कि मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए सभी समुदायों को भाईचारे और इंसानियत को प्राथमिकता देनी होगी।

यूनाइटेड नागा काउंसिल की वर्किंग कमेटी के सदस्य सचिव ए.सी. थोत्सो ने बताया कि बैपटिस्ट नेताओं ने बैपटिस्ट वर्ल्ड अलायंस, एशिया पैसिफिक बैपटिस्ट फेडरेशन, काउंसिल ऑफ बैपटिस्ट चर्चेज इन नॉर्थ ईस्ट इंडिया और मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन की ओर से संयुक्त अपील सौंपी है।

उन्होंने चर्च नेताओं की इस शांति पहल का स्वागत किया और कहा कि संगठन के निर्णय लेने वाले मंचों पर इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि स्थायी शांति तभी संभव है, जब सच्चाई को स्वीकार किया जाए।

इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने चर्च नेताओं से मुख्यमंत्री सचिवालय में मुलाकात की थी और राज्य में विभिन्न समुदायों के बीच शांति और सौहार्द कायम करने की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना की थी।

इसी बीच चर्च नेताओं का एक अन्य दल कांगपोकपी जिले के केइथेलमनबी और दामदेई गांवों पहुंचा, जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

13 मई को कांगपोकपी जिले में तीन बैपटिस्ट चर्च नेताओं की हत्या और चार अन्य लोगों के घायल होने के बाद, कुकी और नागा समुदायों के 40 से अधिक लोगों को विभिन्न समूहों ने बंधक बना लिया था। हालांकि, प्रशासन, समुदाय के नेताओं और सामाजिक संगठनों के लगातार प्रयासों के बाद, 14 और 15 मई को दोनों समुदायों के 30 लोगों को रिहा कर दिया गया।

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Created On :   19 May 2026 11:31 PM IST

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