असम में भाजपा की जीत पर भूपेन बोराह बोले, कांग्रेस अब वही काट रही है जो उसने बोया था

असम में भाजपा की जीत पर भूपेन बोराह बोले, कांग्रेस अब वही काट रही है जो उसने बोया था
असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने बुधवार को अपनी पुरानी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद कांग्रेस अब 'वही काट रही है जो उसने बोया था।'

गुवाहाटी, 6 मई (आईएएनएस)। असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने बुधवार को अपनी पुरानी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद कांग्रेस अब 'वही काट रही है जो उसने बोया था।'

बोराह विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्‍होंने भाजपा के टिकट पर बिहपुरिया विधानसभा सीट से जीत हासिल की है।

उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा की शानदार चुनावी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को दिया और कहा कि लोगों ने सरकार के विकास एजेंडे का समर्थन किया है।

बोराह ने कहा कि मुझे यह मानना ​​होगा कि डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम ने अभूतपूर्व राजनीतिक सफलता देखी है। लोगों ने एक बार फिर उनके नेतृत्व में अपना विश्वास जताया है।

उन्‍होंने कहा कि बिहपुरिया में मिला जनादेश भाजपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों के प्रति जनता की स्वीकृति को दर्शाता है और कांग्रेस के चुनावी नैरेटिव (प्रचार के तरीके) को खारिज करता है।

उन्होंने कहा कि लोगों ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा की सांगठनिक ताकत और विकास की राजनीति असली थी। कांग्रेस ने एक अलग नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की, लेकिन मतदाताओं ने उसे खारिज कर दिया।

बोराह ने असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में पार्टी काफी कमजोर हो गई है।

भाजपा नेता ने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने कई पारंपरिक गढ़ों में अपना समर्थन खो दिया है और लोकसभा चुनावों के दौरान उसे जो गति मिली थी, उसे बनाए रखने में वह असफल रही है।

बोराह ने दावा किया कि जब मैं असम कांग्रेस का अध्यक्ष था, तब पार्टी ने जोरहाट लोकसभा सीट 1.5 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीती थी। लेकिन अब वह समर्थन आधार भी कमजोर पड़ गया है।

पूर्व कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आंतरिक कलह और 'रिमोट-कंट्रोल्ड राजनीति' ने असम में पार्टी को नुकसान पहुंचाया है।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस पार्टी को अंततः राज्य में पार्टी के नेता के रूप में अल्पसंख्यक समुदाय के किसी नेता को नियुक्त करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, क्योंकि पार्टी के शेष निर्वाचित विधायक मुख्य रूप से अल्पसंख्यक-बहुल निर्वाचन क्षेत्रों से हैं।

भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए असम में भारी जनादेश के साथ सत्ता में लौट आया है, और 126 सदस्यीय विधानसभा में उसने आरामदायक बहुमत हासिल कर लिया है।

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Created On :   6 May 2026 3:00 PM IST

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