साइक्लोन मुरासु एनडीआरएफ की आंध्र में 14 टीमें तैनात, सबसे ज्यादा प्रभावित के तौर पर छह जिलों की पहचान

साइक्लोन मुरासु  एनडीआरएफ की आंध्र में 14 टीमें तैनात, सबसे ज्यादा प्रभावित के तौर पर छह जिलों की पहचान
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने मंगलवार को कहा कि मुरासु चक्रवात को देखते हुए आंध्र प्रदेश में 14 टीमें तैनात की गई हैं, जिसमें छह जिलों की पहचान सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के तौर पर की गई है। अधिकारियों की ओर से जानकारी दी गई है कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

अमरावती, 3 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने मंगलवार को कहा कि मुरासु चक्रवात को देखते हुए आंध्र प्रदेश में 14 टीमें तैनात की गई हैं, जिसमें छह जिलों की पहचान सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के तौर पर की गई है। अधिकारियों की ओर से जानकारी दी गई है कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए एनडीआरएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) मोहसेन शाहेदी ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, लैंडफॉल प्रोसेस मंगलवार सुबह जल्दी शुरू हुआ और सुबह करीब 9 बजे तक पूरा हो गया।

डीआईजी ने कहा, "साइक्लोन मुरासु का लैंडफॉल प्रोसेस सुबह शुरू हुआ। आईएमडी से हमें मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, लैंडफॉल प्रोसेस सुबह करीब 9:00 बजे पूरा हो गया। साइक्लोन को देखते हुए आंध्र प्रदेश में चौदह टीमें तैनात की गई हैं। तमिलनाडु से तीन टीमें भेजी गई हैं।"

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के छह जिलों की पहचान उन इलाकों के तौर पर की गई है, जहां सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है, एनडीआरएफ के लोग स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

एनडीआरएफ के डीआईजी ने कहा कि बल ने उन राज्यों में भी इंतजाम किए हैं, जहां चक्रवात का असर पड़ने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि तेज हवाएं और भारी बारिश एक बड़े भूभाग पर असर डाल सकती हैं।

उन्होंने कहा, "साइक्लोन का असर वाला इलाका आमतौर पर तेज हवाओं और बारिश की वजह से बहुत बड़ा होता है। पांच राज्यों की पहचान ऐसे इलाकों के तौर पर की गई है, जो साइक्लोन से प्रभावित हो सकते हैं। आंध्र प्रदेश के अलावा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों पर भी असर पड़ने की उम्मीद थी। इन सभी राज्यों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।"

साइक्लोन के अनुमानित मूवमेंट और तेजी पर अपडेट देते हुए, उन्होंने कहा कि सिस्टम के धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है, जिससे आंध्र प्रदेश के बाहर बड़े असर की संभावना कम हो जाएगी। उन्होंने कहा, "अभी तक की जानकारी के मुताबिक, यह साइक्लोन जल्द ही साइक्लोनिक स्टॉर्म में बदल जाएगा और फिर आधी रात तक डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसलिए, आंध्र के बाहर इस साइक्लोन का असर कम होने की उम्मीद है।"

उन्होंने बताया कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और प्रभावित इलाकों में रिस्पॉन्स ऑपरेशन चला रहे हैं।

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