राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर की चर्चा
दुशांबे, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शासनाध्यक्षों की बैठक से इतर ताजिकिस्तानी समकक्ष कर्नल जनरल इमोमाली सोबिरजोदा से मुलाकात की और क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर जोर देते हुए रक्षा सहयोग पर चर्चा की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक से इतर दुशांबे में ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ सार्थक चर्चा हुई। हमने क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर जोर देते हुए आपसी हित के क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।"
रक्षा मंत्री मंगलवार को होने वाली एससीओ के शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर दुशांबे पहुंचे हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक में एससीओ सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर रहेगा, खासकर व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क, नवाचार और सांस्कृतिक-मानवीय आदान-प्रदान के क्षेत्र में।
मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में अब तक चल रही सहयोगी पहलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और संगठन के वित्तीय व संस्थागत कामकाज से जुड़े अहम फैसलों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली से रवाना होने से पहले एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था, "नई दिल्ली से दुशांबे के लिए रवाना हो रहा हूं। 19-20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान में होने वाली एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उत्सुक हूं। एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक वित्तीय और संस्थागत कामकाज में प्रगति की समीक्षा के अलावा संस्कृति, संपर्क, अर्थव्यवस्था, नवाचार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित होगी।"
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत विभिन्न एससीओ तंत्रों में सक्रिय रूप से शामिल है और स्टार्टअप और नवाचार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में पहलों के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग में योगदान देना जारी रखे हुए है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह बैठक भारत के लिए एससीओ के भीतर व्यावहारिक और आपसी फायदे वाले सहयोग को आगे बढ़ाने को लेकर अन्य सदस्य देशों के साथ मंथन का अहम मौका होगी।
पिछली शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक 18 नवंबर 2025 को रूस की राजधानी मॉस्को में हुई थी, जिसमें भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर शामिल हुए थे।
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Created On :   19 Oct 2026 11:48 PM IST












