दिल्ली एसआईआर 30 सितंबर तक दावे दाखिल कर मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं वोटर, नोटिस का मतलब नाम कटना नहीं

दिल्ली एसआईआर 30 सितंबर तक दावे दाखिल कर मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं वोटर, नोटिस का मतलब नाम कटना नहीं
दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने पर उठी चिंताओं के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने पर उठी चिंताओं के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।

सीईओ ने बयान जारी कर कहा कि जिन पात्र लोगों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, वे 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि फॉर्म निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) या बीएलओ के पास ऑफलाइन जमा किए जा सकते हैं। इसके अलावा वेबसाइट और इसीआईनेट मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है।

सीईओ ने कहा कि 27 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाने का प्रस्ताव है, ताकि मतदाताओं को सहायता मिल सके।

उन्होंने दोहराया कि किसी भी मतदाता का नाम सुनवाई का अवसर दिए बिना और विधिवत आदेश जारी किए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता।

सीईओ के अनुसार, ईसीआईनेट में मतदाता रिकॉर्ड में सुधार के लिए कुछ श्रेणी के मतदाताओं को सिस्टम जनरेटेड नोटिस भेजे जा रहे हैं। ये नोटिस केवल दो श्रेणियों के मतदाताओं को जारी किए गए हैं, जिनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद हैं।

इनमें पहली श्रेणी वे मतदाता हैं, जिनका पिछली गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाया, जबकि दूसरी श्रेणी में वे मतदाता हैं जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं।

सीईओ ने कहा कि नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता ईआरओ या एईआरओ को जवाब और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग द्वारा जारी दस्तावेजों की सूची केवल संकेतात्मक है, अंतिम फैसला उपलब्ध दस्तावेजों और बीएलओ की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नोटिसों के निस्तारण के लिए 29 अक्टूबर 2026 तक समय निर्धारित है और पात्र मतदाताओं के नाम 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

इसके अलावा 23 और 24 सितंबर को शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक दिल्ली के सभी डीयूएसआईबी नाइट शेल्टर और बेघर लोगों के अन्य स्थानों पर बेघर, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्कर्स के लिए भी विशेष शिविर लगाए जाएंगे।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पात्रता सत्यापन के लिए करीब 32 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस पाने वालों में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपप्रधानमंत्री एल.के. आडवाणी, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कांग्रेस सांसद अभिषेक सिंघवी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी जैसी प्रमुख हस्तियां भी शामिल हैं।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   21 Sept 2026 10:45 PM IST

Tags

Next Story