एस. जयशंकर शुक्रवार को अजरबैजान के दौरे पर जाएंगे, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की करेंगे समीक्षा
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर 23 अक्टूबर को अजरबैजान की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यात्रा के दौरान विदेश मंत्री दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने के लिए अजरबैजान के अपने समकक्ष के साथ बातचीत करेंगे।
अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने के लिए अजरबैजान के अपने समकक्ष से बातचीत करेंगे।
16 अक्टूबर को अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव को अपना परिचय पत्र (क्रेडेंशियल्स) सौंपा था। इस मुलाकात के दौरान कुमार ने भारत और अजरबैजान के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई।
अजरबैजान में भारतीय दूतावास ने 'एक्स' पर बताया, "राजदूत अभय कुमार ने भारत और अजरबैजान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने और उनका विस्तार करने की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने और दोनों देशों के लोगों के बीच दोस्ती और आपसी समझ के पुराने संबंधों को और गहरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।"
दूतावास ने कहा, "बातचीत में भारत और अजरबैजान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला गया, जो हजारों वर्षों में विकसित हुए हैं और आज भी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं। दोनों पक्षों ने इन पुराने संबंधों के महत्व को स्वीकार किया और आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।"
मुलाकात के दौरान, बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति अलीयेव के बीच हुई बातचीत का भी जिक्र किया गया। राजदूत कुमार और राष्ट्रपति अलीयेव ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और भारत और अजरबैजान के बीच सहयोग को और आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
अजरबैजान में भारतीय दूतावास द्वारा जारी एक बयान के अनुसार उन्होंने दोस्ती, ऐतिहासिक संबंधों और आपसी सद्भावना की मौजूदा नींव पर आगे बढ़ते हुए सहयोग के नए रास्ते तलाशने और दोनों देशों के बीच संबंधों को और करीब लाने के महत्व पर जोर दिया।
पिछले सप्ताह विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह अजरबैजान की आधिकारिक यात्रा पर थे, जहां उन्होंने 'कॉन्फ्रेंस ऑन इंटरेक्शन एंड कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स इन एशिया' (सीआईसीए) के सातवें शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
15 अक्टूबर को अजरबैजान के बाकू में सीआईसीए के सातवें शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र (प्लेनरी सेशन) में अपने संबोधन के दौरान कीर्ति वर्धन सिंह ने शांति, सहयोग, दोस्ती और साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत के 'वसुधैव कुटुंबकम' (पूरी दुनिया एक परिवार है) के दृष्टिकोण पर जोर दिया।
कीर्ति वर्धन सिंह ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, "अजरबैजान के बाकू में आयोजित 'कॉन्फ्रेंस ऑन इंटरैक्शन एंड कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स इन एशिया' (सीआईसीए) के 7वें शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित किया। शांति, सहयोग, मित्रता और साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत के 'वसुधैव कुटुंबकम' (पूरी दुनिया एक परिवार है) के दृष्टिकोण पर जोर दिया। सभी सदस्य देशों से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।"
1 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से मुलाकात की थी।
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Created On :   22 Oct 2026 9:00 PM IST












