ध्यान देने वाली बात: साझा जमीनों की बिक्री के लिए सह-हिस्सेदारों की सहमति जरूरी, अब सभी का अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा जरूरी

साझा जमीनों की बिक्री के लिए सह-हिस्सेदारों की सहमति जरूरी, अब सभी का अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा जरूरी
  • हिस्सेदारों की एनओसी और भूमि अभिलेख विभाग की ‘क’ प्रति लगाने सरकार ने जारी किया परिपत्र जारी
  • खरीदारों को भी रखना होगा ध्यान

डिजिटल डेस्क, मुंबई. पैतृक जमीनों से जुड़े विवादों पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत ऐसी जमीन जिसके 7/12 (मालिकाना अधिकार) पर भाई-बहन, चाचा, बुआ समेत संयुक्त परिवार के सदस्यों के नाम हैं उसे बेचने के लिए अब सभी का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना आवश्यक होगा। इसके अलावा बिक्री पंजीकरण के दौरान भूमि अभिलेख विभाग की ‘क’ प्रति भी जोड़नी होगी। ऐसे में जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर जमीन बिक्री का पंजीकरण नहीं हो पाएगा। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस संबंध में गुरुवार को जानकारी दी। इसको लेकर राजस्व विभाग ने परिपत्र भी जारी कर दिया है।

पैतृक जमीनों के 7/12 पर संयुक्त परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज होते हैं। इसके बावजूद कई मामलों में कोई एक हिस्सेदार अन्य हिस्सेदारों को बिना सूचित किए संयुक्त स्वामित्ववाली जमीन को बेच देता है। इससे जमीन के स्वामित्व, हिस्सेदारी और बिक्री की वैधता को लेकर विवाद पैदा होते हैं। कई मामले पुलिस स्टेशन और अदालतों तक पहुंच जाते हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने साझा जमीन के लेन-देन में आवश्यक सहमति और दस्तावेजों को अनिवार्य किया है।

संयुक्त स्वामित्व की जमीन बेचने अब ये जरूरी

  • - सह-हिस्सेदारों की सहमति
  • - अनापत्ति प्रमाणपत्र
  • - भूमि अभिलेख विभाग की ‘क’ प्रति

खरीदारों को भी रखना होगा ध्यान

साझा स्वामित्व के 7/12 वाली जमीन खरीदते समय केवल किसी का नाम दर्ज होने भर से सौदा करना पर्याप्त नहीं होगा। खरीदारों को जमीन में संबंधित व्यक्तियों के अधिकार, हिस्सेदारी, आवश्यक सहमति-पत्रों और भूमि अभिलेख विभाग के दस्तावेजों की जांच करनी होगी।

Created On :   22 Oct 2026 9:48 PM IST

Tags

Next Story