विकास कार्यों पर असर !: सूखे से निपटने के लिए डीपीडीसी फंड में 50% कटौती की तैयारी, किसानों को दिवाली से पहले 5 हजार देने की योजना

सूखे से निपटने के लिए डीपीडीसी फंड में 50% कटौती की तैयारी, किसानों को दिवाली से पहले 5 हजार देने की योजना
  • 305 सूखाग्रस्त तहसीलों के किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की मदद देने की योजना
  • 1.60 करोड़ किसानों के लिए ₹8,000 करोड़ आवंटित करने की तैयारी

डिजिटल डेस्क, मुंबई, सोमदत्त शर्मा। महाराष्ट्र में सूखे और फसल नुकसान से निपटने के लिए राज्य सरकार जिलों के विकास फंड में कटौती कर अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने की तैयारी कर रही है। वित्त विभाग ने जिला नियोजन एवं विकास समिति (डीपीडीसी) के फंड में 50 फीसदी तक कटौती का मसौदा तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर जिलों के विकास कार्यों के लिए उपलब्ध निधि कम हो सकती है। हालांकि, कटौती की अंतिम सीमा और लागू करने की शर्तें अभी स्पष्ट नहीं हैं। वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, विकास निधि में कटौती से बचने वाली राशि का इस्तेमाल सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत एवं सहायता कार्यों के लिए किया जा सकता है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश की कमी से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार के सामने किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ विकास कार्यों के लिए वित्तीय संतुलन बनाए रखने की चुनौती है।

विकास कार्यों पर पड़ सकता है असर

डीपीडीसी फंड से जिलों में सड़क, पेयजल, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्य किए जाते हैं। निधि में 50 फीसदी तक कटौती होने पर नई परियोजनाओं में देरी और मौजूदा योजनाओं की प्राथमिकता में बदलाव हो सकता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही सभी विभागों के खर्च में 20 फीसदी तक कटौती की घोषणा कर चुके हैं।

1.60 करोड़ किसानों को ₹5,000 की मदद

दूसरी ओर, सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहत देने के लिए सरकार 1.60 करोड़ किसानों के खातों में ₹5,000 जमा करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए करीब ₹8,000 करोड़ वितरित किए जाने हैं। सरकार का लक्ष्य दिवाली से पहले, अक्टूबर के अंत तक पात्र किसानों के खातों में राशि पहुंचाना है। प्रशासन को 24 अक्टूबर तक तकनीकी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

305 तहसीलों में 92 फीसदी पंचनामे पूरे

राज्य की 305 सूखाग्रस्त तहसीलों में फसल नुकसान के 92 फीसदी पंचनामे पूरे हो चुके हैं। राहत एवं पुनर्वास विभाग के अनुसार, शेष पंचनामे अगले दो से तीन दिनों में पूरे करने का लक्ष्य है। इसके बाद सहायता वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

राशि हस्तांतरित करने के लिए एग्रीस्टैक पंजीकरण और प्रमाणीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। जिन किसानों का एग्रीस्टैक प्रमाणीकरण पूरा नहीं हुआ है, उन्हें पिछली योजना के दौरान पूरी की गई ई-केवाईसी के आधार पर भी सहायता देने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

₹5,000 की सहायता पर किसानों की नाराजगी

घोषित सहायता राशि को लेकर कुछ किसानों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि फसल नुकसान की तुलना में ₹5,000 की मदद अपर्याप्त है। वहीं, विभाग के अनुसार, नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद पहले दी गई राशि समायोजित कर शेष सहायता दूसरे चरण में देने की योजना है। हालांकि, दूसरे चरण की राशि और वितरण की समयसीमा स्पष्ट नहीं की गई है।

Created On :   22 Oct 2026 10:05 PM IST

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