मामला दर्ज: दक्षिण मुंबई में म्हाडा इमारत की फाइल गायब, पुलिस के रडार पर तत्कालीन नौ कर्मचारी

दक्षिण मुंबई में म्हाडा इमारत की फाइल गायब, पुलिस के रडार पर तत्कालीन नौ कर्मचारी
  • कैसे खुली जालसाजी की पोल
  • जांच रिपोर्ट कर्मियों की भूमिका
  • पुलिस के रडार पर म्हाडा के तत्कालीन नौ कर्मचारी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। दक्षिण मुंबई के करी रोड इलाके में स्थित म्हाडा की रामदूत इमारत नंबर 4 के फ्लैटों के कागजात गायब हो गए। इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बाद गठित म्हाडा की जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद 19 अक्टूबर 2026 को म्हाडा के अधिकारी ने मामला दर्ज कराया है। इसमें म्हाडा के नौ तत्कालीन कर्मचारी पुलिस जांच में रडार पर हैं। आरोप है कि रामदूत इमारत के प्राइम लोकेशन वाले आवासीय फ्लैट धोखाधड़ी से हासिल करने के लिए म्हाडा के अभिलेखागार से 32 साल पुराना सरकारी रिकॉर्ड गायब कर दिया गया। इसके जरिये महंगी सरकारी संपत्ति को दूसरे के नाम करने की तैयारी थी। जिस पर जांच रिपोर्ट आने के बाद म्हाडा अधिकारी प्रमोद ज्ञानबा कांबले ने महाराष्ट्र सार्वजनिक रिकॉर्ड अधिनियम 2005 की धारा 9 के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में मुंबई पुलिस गायब फाइल और मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए 9 पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ करने की तैयारी में है।

कैसे खुली जालसाजी की पोल

इस जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित प्रशांत सत्यवान कोकणे नामक शख्स ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत इस फ्लैट का विवरण मांगा। जब म्हाडा प्रशासन ने खोजबीन की, तो पता चला कि वर्ष 1975 से 2007 तक का पूरा मूल रिकॉर्ड गायब है। मामला राज्य सूचना आयोग से होता हुआ बॉम्बे हाई कोर्ट तक पहुंचा। आखिरकार हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद बैकफुट पर आए म्हाडा प्रशासन ने विभागीय जांच बैठाई।

जांच रिपोर्ट कर्मियों की भूमिका

जांच अधिकारी एवं कार्यकारी अभियंता अभय रामटेके की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अज्ञात भू-माफिया ने म्हाडा के तत्कालीन कर्मचारियों के साथ मिलकर मूल फाइलें गायब की थीं। इसका मकसद एक गैर-हकदार आवेदक प्रशांत पवार को यह फ्लैट अवैध रूप से ट्रांसफर कराना था।

Created On :   21 Oct 2026 9:44 PM IST

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