सूखे की स्थिति: महाराष्ट्र सरकार का पूरक बजट पर सख्त रुख, अब जरूरी खर्चों को ही मिलेगी प्राथमिकता

महाराष्ट्र सरकार का पूरक बजट पर सख्त रुख, अब जरूरी खर्चों को ही मिलेगी प्राथमिकता
  • दिसंबर के शीतकालीन सत्र में पेश होंगी पूरक मांगें
  • विभागों को 4 नवंबर तक प्रस्ताव भेजने का निर्देश

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए पूरक बजट को लेकर सख्त रुख अपनाया है। दिसंबर 2026 में होने वाले विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पेश की जाने वाली पूरक बजट मांगों में अब केवल जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे अतिरिक्त निधि की मांग से जुड़े प्रस्ताव 4 नवंबर तक ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से भेजें। सरकार का जोर बजट में पहले से उपलब्ध राशि का सही इस्तेमाल करने और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने पर है।

छह श्रेणियों के खर्चों पर होगा विचार

वित्त विभाग के अनुसार, पूरक बजट में छह तरह के खर्चों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। इनमें आकस्मिकता निधि से किए गए खर्च, न्यायालय के आदेशों का पालन करने के लिए जरूरी राशि और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए अतिरिक्त निधि की जरूरत शामिल है। इसके अलावा, जिन खर्चों के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है, जिन पर 70 प्रतिशत से अधिक राशि खर्च हो चुकी है और पुनर्विनियोजन से अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराना संभव नहीं है, उनके प्रस्ताव भी भेजे जा सकेंगे। केंद्र प्रायोजित योजनाओं को नई लेखा प्रणाली से जोड़ने के लिए जरूरी बजटीय प्रावधानों को भी इसमें शामिल किया गया है।

एससी-एसटी योजनाओं के लिए अलग समयसीमा

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विकास से जुड़ी योजनाओं के प्रस्तावों के लिए अलग समयसीमा तय की गई है। इन प्रस्तावों को 4 नवंबर तक संबंधित विभागों में पंजीकृत करना होगा। संबंधित विभागों को 12 नवंबर तक प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने होंगे, जबकि बजट शाखा को ये प्रस्ताव 20 नवंबर तक प्राप्त होने चाहिए।

खर्च पर नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता

सरकार का मानना है कि राज्य में सुख की स्थिति को देखते हुए एवं सीमित संसाधनों में जरूरी योजनाओं और अनिवार्य खर्चों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराना जरूरी है। ऐसे में विभागों को अतिरिक्त निधि मांगने से पहले बजट में उपलब्ध राशि और अब तक हुए खर्च का आकलन करना होगा। इस व्यवस्था से पूरक बजट में गैर-जरूरी मांगों पर रोक लगाने और सरकारी खर्च को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी।

Created On :   21 Oct 2026 9:25 PM IST

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