दशहरा रैली से बढ़ा विवाद: ऑडियो क्लिप में 500 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन और शिवसेना शिंदे गुट सांसद श्रीकांत शिंदे के नाम से मचा बवाल

ऑडियो क्लिप में 500 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन और शिवसेना शिंदे गुट सांसद श्रीकांत शिंदे के नाम से मचा बवाल
  • मनोज जरांगे-पाटील का जारी ऑडियो क्लिप में दावा, श्रीकांत शिंदे ने जरांगे को दिए 500 करोड़
  • शिंदे गुट को बदनाम करने वाले भाजपा नेताओं की हो एसआईटी जांच -उदय सामंत
  • श्रीकांत शिंदे का नाम लेकर एकनाथ शिंदे को बदनाम करने की साजिश का आरोप

डिजिटल डेस्क, मुंबई. मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील की ओर से सामने लाई गई कथित ऑडियो क्लिप ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। क्लिप में 500 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन और शिवसेना (शिंदे) सांसद श्रीकांत शिंदे का नाम सामने आने के बाद सत्तारूढ़ महायुति के भीतर भी सवाल उठने लगे हैं। शिवसेना (शिंदे) नेता और मंत्री उदय सामंत ने इस मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सामंत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तत्काल जांच के आदेश देने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि इस प्रकरण के जरिए एकनाथ शिंदे और शिवसेना (शिंदे) की छवि खराब करने की कोशिश हो सकती है। हालांकि भाजपा नेता और मंत्री आशीष शेलार ने ऑडियो क्लिप में किसी भी भाजपा नेता की आवाज से साफ इंकार किया है।

क्लिप में 500 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन का जिक्र

जरांगे पाटील ने छत्रपति संभाजीनगर में जारी की कथित ऑडियो क्लिप में एक महिला बातचीत कर रही है, जिसमें कथित तौर पर कहा गया है कि जरांगे पाटील तक 500 करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं और यह रकम श्रीकांत शिंदे के माध्यम से दी गई है। बातचीत में विधानसभा चुनाव के दौरान जरांगे की संभावित भूमिका और मुख्यमंत्री फडणवीस को निशाना बनाए जाने का भी कथित उल्लेख है। इस दावे के सामने आने के बाद शिंदे गुट ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। शिवसेना (शिंदे) ने इस ऑडियो क्लिप को खारिज करते हुए कहा कि जरांगे पाटील को ऐसी कोई रकम न तो पार्टी ने दी और न ही श्रीकांत शिंदे ने दिए हैं।

उदय सामंत बोले- एसआईटी से हो निष्पक्ष जांच

मंत्री उदय सामंत ने कोल्हापुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कथित क्लिप की सत्यता, उसके स्रोत, बातचीत में सुनाई देने वाली आवाजों और संबंधित लोगों की भूमिका की विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि क्लिप का फॉरेंसिक और साइबर परीक्षण कराया जाए तथा जरूरत के मुताबिक एसआईटी के जरिए पूरे मामले की जांच की जाए। सामंत ने आशंका जताई कि श्रीकांत शिंदे का नाम सामने लाकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विवाद के जरिए मराठा समाज और एकनाथ शिंदे के बीच अविश्वास पैदा करने का प्रयास हो सकता है। उदय सामंत ने कहा कि ऑडियो क्लिप में भाजपा प्रवक्ता श्वेता शालिनी, भाजपा विधायक अतुल भातखलकर और मुख्यमंत्री की ओएसडी निधि कामदार की आवाज सुनाई दे रही है। उनकी भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

आशीष शेलार बोले 500 करोड़ का दावा झूठा

500 करोड़ रुपए जरांगे-पाटील को देने के ऑडियो के बाद अब भाजपा नेता एवं मंत्री आशीष शेलार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि क्लिप में किसी भाजपा नेता की आवाज नहीं है और पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है। शेलार ने कहा कि क्लिप की सत्यता स्पष्ट नहीं है और उसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने एकनाथ शिंदे पर सवाल उठाने को भी अनुचित बताया। शेलार ने जरांगे से अपील की कि उनके पास उपलब्ध सामग्री जांच एजेंसियों को सौंपें। उन्होंने कहा कि 500 करोड़ रुपए का दावा पूरी तरह झूठा है। शेलार ने कहा कि वह इस संबंध में उदय सामंत से बात करेंगे।

शिंदे की दशहरा रैली से बढ़ा विवाद

जरांगे पाटील के कथित 500 करोड़ के आरोपों के बाद शिवसेना (शिंदे) नेता रामदास कदम ने जरांगे को खूब खरी खोटी सुनाई थी। कदम ने जरांगे के अनशन को लेकर भी आरोप लगाए थे। यहां तक कि उनकी जांच की मांग भी की थी। उनके बयान के बाद मामला बढ़ गया था। जिसके बाद गुरुवार को जरांगे ने ऑडियो बम फोड़ दिया।

कौन हैं कथित ऑडियो क्लिप में श्वेता, कामदार और भातखलकर

श्वेता शालिनी - श्वेता शालिनी महाराष्ट्र भाजपा की नेता, प्रवक्ता और राजनीतिक रणनीतिकार हैं। पार्टी के सोशल मीडिया और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भूमिका रही है। वे पार्टी में प्रदेश सचिव के रूप में भी काम कर चुकी हैं। श्वेता ने राजनीति में आने से पहले आईटी और उद्यमिता के क्षेत्र में काम किया। भाजपा में वे सोशल मीडिया और आईटी विभाग से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभाल चुकी हैं। इसके अलावा वे महाराष्ट्र विलेज सोशल ट्रांसफॉर्मेशन फाउंडेशन की पूर्व कार्यकारी निदेशक भी रह चुकी हैं। इस संस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और सामाजिक बदलाव को बढ़ावा देना था। जून 2024 में भाजपा के सोशल मीडिया और आईटी विभाग के कामकाज को लेकर वरिष्ठ पत्रकार भाऊ तोरसेकर की आलोचना के बाद श्वेता शालिनी चर्चा में आई थीं।

निधि कामदार - निधि कामदार महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी राजनीतिक रणनीतिकार और भाजपा की पूर्व युवा नेता हैं। देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के बाद से वह मुख्यमंत्री कार्यालय में सोशल मीडिया मामलों की विशेष कार्य अधिकारी के रूप में काम कर रही हैं। नागपुर की रहने वाली निधि कामदार ने यवतमाल स्थित यशवंतराव चव्हाण कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। कामदार छात्र राजनीति से सक्रिय हुईं और भाजपा कई जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी भूमिका सोशल मीडिया और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े मामलों पर केंद्रित रहती है।

अतुल भातखलकर- अतुल भातखलकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और कांदिवली पूर्व विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे 2024 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार इस सीट से निर्वाचित हुए। इससे पहले उन्होंने 2014 और 2019 में भी जीत दर्ज की थी। अतुल भातखलकर का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से पुराना जुड़ाव रहा है। वे भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और प्रदेश महासचिव भी रह चुके हैं। पार्टी के मीडिया प्रबंधन और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भूमिका रही है। बीएमसी चुनाव में भातखलकर ने मीडिया इंचार्ज की भूमिका निभाई थी।

Created On :   22 Oct 2026 9:38 PM IST

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