असम ईडी ने 'डिजिटल गिरफ्तारी' साइबर धोखाधड़ी मामले में 2.12 करोड़ रुपए जब्त किए

असम ईडी ने डिजिटल गिरफ्तारी साइबर धोखाधड़ी मामले में 2.12 करोड़ रुपए जब्त किए
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुवाहाटी में एक वरिष्ठ नागरिक की कथित 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़े साइबर धोखाधड़ी मामले में 43 खातों में लगभग 2.12 करोड़ रुपए की बैंक राशि को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

गुवाहाटी, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुवाहाटी में एक वरिष्ठ नागरिक की कथित 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़े साइबर धोखाधड़ी मामले में 43 खातों में लगभग 2.12 करोड़ रुपए की बैंक राशि को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

ईडी के गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय-प्रथम ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 5(1) के तहत अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया।

जब्त की गई राशि एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खातों में थी।

एजेंसी के अनुसार, यह जांच गुवाहाटी स्थित साइबर पुलिस स्टेशन, सीआईडी ​​द्वारा भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के विभिन्न प्रावधानों के तहत अज्ञात साइबर धोखेबाजों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद शुरू हुई।

ईडी के गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय (सीआईडी) ने जांच में पता चला कि सितंबर और दिसंबर 2025 के बीच, आरोपियों ने कथित तौर पर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई), मुंबई अपराध शाखा और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों का रूप धारण किया था।

आरोप है कि उन्होंने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए वरिष्ठ नागरिक से संपर्क किया और झूठा दावा किया कि उनके आधार कार्ड से खोला गया एक बैंक खाता मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल है।

आरोप है कि पीड़ित को 'डिजिटल अरेस्ट' का शिकार बनाया गया, उसे मनगढ़ंत अदालती कार्यवाही और फर्जी 'डिजिटल अरेस्ट वारंट' दिखाया गया और मामले का खुलासा करने पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लेने की धमकी दी गई।

आरोप है कि जालसाजों ने 'आरबीआई निरीक्षण' और बाद में 'जमानत बांड' के बहाने पैसे की मांग की और पीड़ित को 19 लेनदेन के माध्यम से लगभग 2.13 करोड़ रुपए हस्तांतरित करने के लिए मजबूर किया।

ईडी ने कहा कि यह पैसा देश भर में व्यक्तियों, फर्मों और कंपनियों द्वारा संचालित कई फर्जी बैंक खातों के माध्यम से भेजा गया था।

आरोप है कि धनराशि को नकद और डिजिटल मुद्रा में परिवर्तित किया गया, भुगतान गेटवे के माध्यम से भेजा गया और इसके सबूत मिटाने के लिए अन्य खातों में स्थानांतरित किया गया।

अपराध से प्राप्त धन का पता लगाते हुए एजेंसी ने धोखाधड़ी से जुड़े धन वाले 43 बैंक खातों की पहचान की और आगे धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए उन्हें अस्थायी रूप से जब्त कर लिया।

ईडी ने बताया कि जांच जारी है।

---आईएएनएस

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Created On :   7 Oct 2026 11:20 PM IST

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