दिल्ली में राहुल-प्रियंका को हिरासत में लेने पर भड़के सीएम शिवकुमार, बोले- हौसला नहीं तोड़ सकते

दिल्ली में राहुल-प्रियंका को हिरासत में लेने पर भड़के सीएम शिवकुमार, बोले- हौसला नहीं तोड़ सकते
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को चुनावी प्रक्रिया से संबंधित मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों को कथित तौर पर हिरासत में लेने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने की कड़ी निंदा की।

बेंगलुरु, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को चुनावी प्रक्रिया से संबंधित मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों को कथित तौर पर हिरासत में लेने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने की कड़ी निंदा की।

शिवकुमार ने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर घसीटकर ले जाया गया और हिरासत में लिया गया, वह निंदनीय है। शिवकुमार ने कहा कि सच हमारे साथ है। आप हमारा हौसला नहीं तोड़ सकते।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के दूसरे नेता चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर सवाल पूछने, जवाबदेही तय करने और जवाब मांगने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे थे।

शिवकुमार ने खास तौर पर प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी और दूसरी महिला नेताओं के साथ किए गए बर्ताव पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी और दूसरी महिला नेताओं के साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया, वह बेहद परेशान करने वाला है। उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक मतभेदों की वजह से कभी भी चुने हुए प्रतिनिधियों के खिलाफ बल का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर), वोटर लिस्ट और हर नागरिक के वोट की सुरक्षा से जुड़े सवालों के लिए जबरदस्ती या बदसलूकी के बजाय पारदर्शिता और जवाब की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि असहमति को दबाने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता। यह तब मजबूत होता है जब सत्ता में बैठे लोगों में बात सुनने और जवाब देने का साहस हो।

शिवकुमार ने कहा कि उनका भरोसा पक्का है और इस बात पर जोर दिया कि किसी भी तरह की जबरदस्ती या डराने-धमकाने से उन लोगों का संकल्प नहीं तोड़ा जा सकता जो चुनावी मुद्दों पर जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर वोट की पवित्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों के भरोसे की रक्षा की जानी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्य सिद्धारमैया ने कहा, "मैं आज जंतर-मंतर के पास दिल्ली पुलिस द्वारा विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस व विपक्ष के अन्य नेताओं के साथ की गई शर्मनाक बदसलूकी और उनकी हिरासत की कड़ी निंदा करता हूं। जिस तरह से पुलिस ने प्रियंका गांधी को घसीटा और उनके साथ बदसलूकी की, वह बेहद परेशान करने वाला है। उनके साथ अन्य महिला नेताओं के साथ हुई बदसलूकी इन दृश्यों को लोकतंत्र में और भी शर्मनाक और अस्वीकार्य बनाती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्रालय और पीएम मोदी सरकार के अधीन काम करती है। पुलिस की ऐसी कार्रवाई की राजनीतिक ज़िम्मेदारी सत्ताधारी सरकार की है। लगातार दो दिनों से, विपक्ष के नेताओं को तब रोका गया है जब वे चुनाव आयोग से SIR, वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' के बारे में जवाब मांग रहे थे।

उन्होंने कहा कि ये सवाल हमारे लोकतंत्र की नींव से जुड़े हैं। इनके लिए पारदर्शिता और जवाब की ज़रूरत है - न कि बैरिकेड्स, बल प्रयोग और हिरासत की। चुनाव आयोग को इन चिंताओं पर खुलकर बात करनी चाहिए और चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बहाल करना चाहिए।

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Created On :   7 Oct 2026 11:20 PM IST

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