ईडी चिट्ठियां भेजकर और मीडिया में जानकारी लीक कर पार्टी नेतृत्व को कर रही बदनाम आप

ईडी चिट्ठियां भेजकर और मीडिया में जानकारी लीक कर पार्टी नेतृत्व को कर रही बदनाम आप
पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ठोस सबूत देने के बजाय बार-बार चिट्ठियां भेजकर, चुनिंदा जानकारी मीडिया में लीक करके और अस्पष्ट आरोप लगाकर आम आदमी पार्टी (आप) की लीडरशिप को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।

चंडीगढ़, 2 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ठोस सबूत देने के बजाय बार-बार चिट्ठियां भेजकर, चुनिंदा जानकारी मीडिया में लीक करके और अस्पष्ट आरोप लगाकर आम आदमी पार्टी (आप) की लीडरशिप को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने पहले ही केंद्रीय एजेंसी से पूरे दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की मांग की थी, लेकिन ईडी साफ और काम के लायक सबूत देने में नाकाम रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा का बड़ा मकसद अफरा-तफरी फैलाना, राजनीतिक लीडरशिप को डराना और सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाए रखना है ताकि चुनी हुई पंजाब सरकार ठीक से काम न कर सके।

अरोड़ा ने कहा कि ईडी द्वारा पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव को बार-बार भेजे गए संदेश भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की 'बेचैनी और हताशा' को दिखाते हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने आरोपों के समर्थन में पूरे दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मांगने के लिए 28 अगस्त को ही ईडी को पत्र लिखा था।

उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने ईडी को साफ तौर पर बता दिया है कि अब तक जो जानकारी दी गई है, वह या तो साफ नहीं है या पढ़ी नहीं जा सकती। इसलिए, तलाशी के दौरान जब्त किए गए सभी सबूत, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा दिए जाने चाहिए ताकि ठीक से जांच हो सके।

ईडी से कहा गया था कि वह 1 सितंबर को जरूरी जानकारी के साथ एक अधिकारी को भेजे, लेकिन ऐसा कोई अधिकारी नहीं आया।

अरोड़ा ने कहा कि ईडी जानबूझकर मीडिया में आप नेताओं के नाम उछाल रही हैं, जबकि कोई गड़बड़ी साबित नहीं हुई है।

उन्होंने यह भी बताया कि उनके पुराने दोस्त गौरव धीर के जरिए उन तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

मामले की पूरी जानकारी देते हुए अरोड़ा ने कहा कि ऑल्टस प्रोजेक्ट से जुड़े जमीन के इस्तेमाल में बदलाव (सीएलयू) की मंजूरी छह बार दी गई थी, लेकिन आप सरकार के कार्यकाल में एक भी सीएलयू मंजूर नहीं किया गया।

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Created On :   2 Sept 2026 11:46 PM IST

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