ईलम तमिल महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने चेन्नई में स्टालिन से की मुलाकात, समर्थन की अपील
चेन्नई, 12 सितंबर (आईएएनएस)। ईलम तमिल महिलाओं की आवाज का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को चेन्नई स्थित अन्ना अरिवालयम में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने श्रीलंका में तमिल समुदाय के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए लगातार समर्थन जारी रखने की अपील की।
संगठन द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में श्रीलंका के पारंपरिक तमिल बहुल क्षेत्रों के आठ जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाली 10 महिलाएं शामिल थीं।
प्रतिनिधियों ने कहा कि वे ईलम तमिलों की सांस्कृतिक विरासत, पहचान और मातृभूमि की अवधारणा को कमजोर करने के कथित प्रयासों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए एकजुट हुई हैं।
प्रतिनिधिमंडल में त्रिंकोमाली जिले से संतामलर एंटनी जॉनसन, बट्टिकलोआ से लक्ष्मणाराजनी जयप्रकाश, अम्पारा से सिंधुजा चौहान, मुल्लैतिवु से जगदंबिगई विग्नेश्वरन, ववुनिया से सरोजा कुगनेसदासन और मन्नार से पेट्रिशिया एलेक्स शामिल थे।
इसके अलावा, किलिनोच्चि जिले का प्रतिनिधित्व वैंसेलिन कंदासामी और सुबाधर्शिनी सचिथानंदम ने किया, जबकि जाफना जिले का प्रतिनिधित्व जमुना चंद्रकुमार और विमलेस्वरी श्रीकंथरूपन ने किया।
बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने स्टालिन को श्रीलंका में तमिल आबादी के सामने मौजूद राजनीतिक, सांस्कृतिक और मानवीय चुनौतियों की जानकारी दी। उनका आरोप था कि तमिल पहचान को कमजोर करने और पारंपरिक तमिल क्षेत्रों के स्वरूप को बदलने के लिए व्यवस्थित प्रयास जारी हैं।
संगठन ने इन घटनाक्रमों को ईलम तमिलों की स्थापित संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान को मिटाने की दिशा में चल रहे 'नरसंहार' का प्रमाण बताया।
प्रतिनिधिमंडल ने तमिलनाडु के राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से श्रीलंका के तमिल समुदायों की स्थिति पर अधिक ध्यान देने की मांग की।
प्रतिनिधियों ने श्रीलंका के तमिलों के प्रति लंबे समय से एकजुटता और समर्थन दिखाने के लिए तमिलनाडु के लोगों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और संघर्ष से प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों के समर्थन से उन परिवारों को हौसला मिला है, जो श्रीलंका में न्याय, जवाबदेही और राजनीतिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने स्टालिन और डीएमके से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईलम तमिलों के मुद्दों को लगातार उठाने का आग्रह किया। साथ ही तमिल समुदाय की सांस्कृतिक पहचान, भूमि अधिकारों और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करने तथा संघर्ष से प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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Created On :   12 Sept 2026 9:53 PM IST












