पश्चिम बंगाल हादसे के बाद पूर्वी रेलवे ने लेवल क्रॉसिंग पर लगाया आधुनिक सुरक्षा सिस्टम

पश्चिम बंगाल हादसे के बाद पूर्वी रेलवे ने लेवल क्रॉसिंग पर लगाया आधुनिक सुरक्षा सिस्टम
पश्चिम बंगाल में जिस रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर इस साल हुए हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी, उसे पूर्वी रेलवे ने बुधवार को और सुरक्षित बनाया। यहां नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग ऑटो पीएन (प्राइवेट नंबर) सिस्टम शुरू किया गया है।

कोलकाता, 23 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में जिस रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर इस साल हुए हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी, उसे पूर्वी रेलवे ने बुधवार को और सुरक्षित बनाया। यहां नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग ऑटो पीएन (प्राइवेट नंबर) सिस्टम शुरू किया गया है।

पूर्वी रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे की मौजूदगी में करनसुबर्ण और खागड़ाघाट रोड स्टेशनों के बीच दो अन्य लेवल क्रॉसिंग पर भी यह सिस्टम लगाया गया।

इस साल 17 जुलाई की सुबह आधुनिक सिस्टम से लैस किए गए इन लेवल क्रॉसिंग में से एक पर तैनात गेटमैन समय रहते रेलवे फाटक बंद नहीं कर पाया था। इसके कारण बच्चों को ले जा रही एक कार ट्रेन की चपेट में आ गई थी।

हादसे में कार में सवार चार बच्चों की मौत हो गई थी। एक साइकिल सवार की भी जान चली गई थी। कई अन्य बच्चे और कार का चालक गंभीर रूप से घायल हुए थे।

हादसे के बाद रेल मंत्रालय ने पूर्वी रेलवे को सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा था।

बुधवार को गीतिका पांडे ने एक लेवल क्रॉसिंग पर निर्धारित परिचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा की। उन्होंने गेटमैन से बातचीत कर सुरक्षा नियमों, रेलवे फाटक को संचालित करने की प्रक्रिया, आपातकालीन स्थिति में उठाए जाने वाले कदम और जरूरी उपकरणों के रखरखाव के बारे में उसकी जानकारी का आकलन किया।

उन्होंने सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करने और महत्वपूर्ण ड्यूटी के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने पर जोर दिया।

गीतिका पांडे ने करनसुबर्ण रेलवे स्टेशन के इंटरलॉकिंग पैनल का भी निरीक्षण किया और ड्यूटी पर मौजूद स्टेशन मास्टर से बातचीत की। उन्होंने सिग्नलिंग पैनल के कामकाज, परिचालन प्रक्रियाओं और ट्रेन संचालन से जुड़े सुरक्षा प्रावधानों की समीक्षा की।

नए एनआईएलसी ऑटो पीएन सिस्टम की मदद से स्टेशन मास्टर लेवल क्रॉसिंग गेट की स्थिति पर रियल टाइम में नजर रख सकता है। यह सिस्टम निर्धारित परिचालन प्रक्रिया के अनुसार स्टेशन मास्टर और गेटमैन के बीच पीएन आधारित संचार की सुविधा भी देता है।

नई व्यवस्था में स्टेशन मास्टर ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित कर सकता है कि लेवल क्रॉसिंग का फाटक बंद है। इसके लिए उसे केवल गेटमैन की ओर से दी गई जानकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इस सिस्टम में कई तकनीक आधारित सुरक्षा सुविधाएं दी गई हैं। इनमें बूम और लीवर लॉकिंग का वेरिफिकेशन, आरकेटी आधारित फिजिकल ऑथेंटिकेशन और ट्रेन के गुजरने का सही पता लगाना, रियल टाइम स्टेटस और प्रमाणित ट्रेन कैंसिलेशन प्रक्रिया शामिल हैं।

अधिकारी ने कहा कि यह सिस्टम एक अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के रूप में काम करेगा। यह रेलवे कर्मचारियों की निर्धारित परिचालन प्रक्रिया, संचार व्यवस्था और फिजिकल वेरिफिकेशन का पूरक होगा।

इसका मकसद स्टेशन मास्टर और गेटमैन के बीच तालमेल तथा संचार को मजबूत करना और ट्रेन संचालन के दौरान प्रक्रिया संबंधी चूक की संभावना को कम करना है।

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Created On :   24 Sept 2026 12:03 AM IST

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