एफएसएसएआई ने 'एनर्जी ड्रिंक' के दावे को लेकर रेड बुल, पेप्सिको इंडिया, कैम्पा सहित कई ब्रांड्स को भेजा नोटिस
नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बेवरेज ब्रांड्स को 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द के इस्तेमाल और प्रोडक्ट लेबल पर कथित तौर पर गुमराह करने वाले दावों को लेकर रेड बुल, पेप्सिको इंडिया, कैम्पा सहित कई ब्रांड्स को नोटिस जारी किए हैं।
एफएसएसएआई का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत ऐसे प्रोडक्ट्स के लिए कोई स्टैंडर्ड तय नहीं किया गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट में खाद्य नियामक ने कहा कि उसने गलत ब्रांडिंग और लेबलिंग के नियमों के उल्लंघन को लेकर कई ब्रांड्स जैसे रेड बुल एनर्जी ड्रिंक, हेल एनर्जी (हेल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड), कैम्पा एनर्जी ड्रिंक, मॉन्स्टर एनर्जी और पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के एड्रेनालिन रश और स्टिंग को नोटिस भेजे थे।
एफएसएसएआई के अनुसार, 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' और इसके तहत बने नियमों और रेगुलेशन में एनर्जी ड्रिंक्स या ऐसे ही दूसरे प्रोडक्ट्स के लिए कोई स्टैंडर्ड तय नहीं किया गया है।
नियामक ने स्पष्ट किया कि 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फूड प्रोडक्ट्स स्टैंडर्ड्स एंड फूड एडिटिव्स) रेगुलेशन, 2011' के तहत 'फूड कैटेगरी सिस्टम' का इस्तेमाल प्रोडक्ट का नाम रखने या लेबलिंग के मकसद से नहीं किया जाना चाहिए।
एफएसएसएआई ने आगे कहा कि 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' के तहत खाद्य उत्पादों के लिए ऐसे दावे करने को मंजूरी नहीं दी गई है जिनसे कार्यात्मक या चिकित्सीय फायदे का पता चले, जैसे कि एनर्जी लेवल बढ़ाना, फोकस बेहतर करना, शरीर और दिमाग को ताजगी देना, दिमाग को स्टिम्युलेट करना, शरीर को एनर्जी देना, आम कमजोरी में मदद करना आदि।
नियामक ने यह भी आरोप लगाया कि इन ब्रांड्स ने अपने प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग और लेबलिंग में 'एनर्जी ड्रिंक' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और ऐसे दावे किए जो मौजूदा नियमों के तहत मान्य नहीं हैं।
ये नोटिस एफएसएसएआई की उन कोशिशों का हिस्सा हैं जिनका मकसद फूड और बेवरेज सेक्टर में गलत ब्रांडिंग और गुमराह करने वाले दावों पर रोक लगाना है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना है कि प्रोडक्ट्स के लेबल 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट' और उससे जुड़े नियमों का पालन करें।
इससे पहले जून में, रेगुलेटर ने कई फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (एफबीओ) को नोटिस भेजे थे। ये नोटिस प्रोडक्ट्स के बारे में गुमराह करने वाले दावों, ब्रांडिंग और लेबलिंग के तरीकों और ग्राहकों की शिकायतों से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोपों के कारण भेजे गए थे। साथ ही, उन्हें सुधार के कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए थे।
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Created On :   2 July 2026 3:15 PM IST











