गुजरात अहमदाबाद नगर निगम का ब्यौरा, शहर को साफ रखने में 18,000 से अधिक सफाईकर्मी जुटे

गुजरात अहमदाबाद नगर निगम का ब्यौरा, शहर को साफ रखने में 18,000 से अधिक सफाईकर्मी जुटे
1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस से पहले अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने गुरुवार को अपनी स्वच्छता प्रणाली के पैमाने और संरचना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 18,000 से अधिक सफाईकर्मी मिलकर शहर में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले 5,000 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का प्रबंधन करते हैं।

अहमदाबाद, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस से पहले अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने गुरुवार को अपनी स्वच्छता प्रणाली के पैमाने और संरचना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 18,000 से अधिक सफाईकर्मी मिलकर शहर में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले 5,000 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का प्रबंधन करते हैं।

नगर निगम ने बताया कि कार्यबल में 13,000 से अधिक स्थायी सफाईकर्मी और लगभग 5,000 कर्मचारी शामिल हैं जो निवासी कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए) के माध्यम से कार्यरत हैं।

इसके अतिरिक्त अहमदाबाद भर में कचरा संग्रहण और संबंधित कार्यों के लिए 2,500 से अधिक वाहन तैनात हैं।

नगर निगम के अनुसार, टाउन प्लानिंग स्कीम की सड़कों, मुख्य सड़कों, प्रतिष्ठित स्थलों, आवासीय क्षेत्रों, पुलिस क्षेत्रों और ग्रामीण-शहरी सीमावर्ती क्षेत्रों में चौबीसों घंटे सफाई अभियान चलाया जाता है।

दिन के समय सफाई, दोपहर में सामूहिक सफाई और बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों जैसे अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में रात के समय सफाई अभियान नियमित प्रणाली का हिस्सा हैं।

घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से घर-घर जाकर कूड़ा-कचरा संग्रहण और साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित अपशिष्ट का संग्रहण भी किया जाता है।

एएमसी ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को मास्क, दस्ताने, गमबूट, वर्दी और रिफ्लेक्टर जैकेट सहित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।

सफाई कर्मचारियों और संबंधित श्रमिकों के लिए हर तीन महीने में अनिवार्य चिकित्सा जांच के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य निगरानी की जाती है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और नगर निगम अस्पतालों में निशुल्क उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं।

स्थायी सफाई कर्मचारियों को श्रेणी-4 नगर निगम कर्मचारियों के समकक्ष लाभ प्राप्त होते हैं और वे समूह बीमा योजनाओं के अंतर्गत आते हैं।

नगर निगम ने बताया कि सफाई कार्य में व्यावसायिक जोखिम शामिल हैं, जिनमें संक्रामक और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा, शारीरिक चोटें, सड़क दुर्घटनाएं और पर्यावरणीय खतरे शामिल हैं।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए, 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए गए हैं ताकि परिचालन सुरक्षा और कौशल विकास में सुधार हो सके।

कोविड-19 महामारी के दौरान सफाई कर्मचारियों को आधिकारिक तौर पर अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता माना गया और उन्हें टीकाकरण, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट, स्वच्छता सुविधाएं और बीमा कवरेज प्रदान किया गया।

सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में नगर निगम आवास योजनाओं के तहत सफाई कर्मचारियों को लगभग 2,200 आवास इकाइयां आवंटित की गई हैं।

नगर निगम ने भविष्य निधि और पेंशन सहायता जैसी सुविधाओं के साथ-साथ परामर्श सेवाएं और सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों के अवसर भी प्रदान किए हैं।

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Created On :   30 April 2026 10:09 PM IST

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