जमशेदपुर की शांभवी को आईसीएसई की 12वीं बोर्ड में मिले 100 प्रतिशत अंक, देश भर में पहला स्थान

जमशेदपुर की शांभवी को आईसीएसई की 12वीं बोर्ड में मिले 100 प्रतिशत अंक, देश भर में पहला स्थान
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) की आईएससी (12वीं) की बोर्ड परीक्षा में झारखंड के जमशेदपुर की शांभवी तिवारी ने इतिहास रच दिया है। सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की इस छात्रा ने परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक हासिल किया और देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। हालांकि, सीआईएससीई आधिकारिक तौर पर टॉपर्स की लिस्ट नहीं जारी करता है।

जमशेदपुर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) की आईएससी (12वीं) की बोर्ड परीक्षा में झारखंड के जमशेदपुर की शांभवी तिवारी ने इतिहास रच दिया है। सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की इस छात्रा ने परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक हासिल किया और देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। हालांकि, सीआईएससीई आधिकारिक तौर पर टॉपर्स की लिस्ट नहीं जारी करता है।

शांभवी की इस अभूतपूर्व सफलता की जानकारी मिलते ही स्कूल और परिवार में उत्सव का माहौल बन गया और शिक्षकों व मित्रों ने मिठाइयां बांटकर इस जीत का जश्न मनाया। स्कूल प्रबंधन ने शांभवी की इस उपलब्धि को अन्य छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा करार दिया है। शांभवी के पिता राकेश रमन ऑल इंडिया रेडियो में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव हैं, जबकि मां निभा सिन्हा, शहर के सेंट मैरी इंग्लिश हाई स्कूल में पीजीटी केमिस्ट्री शिक्षिका हैं।

शांभवी के पिता ने मीडिया को बताया कि शांभवी ने पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी, जिससे उनका ध्यान पूरी तरह पढ़ाई पर केंद्रित रहा। वह प्रतिदिन लगभग नौ घंटे पढ़ाई करती थीं। स्कूल के नियमित दिनों में भी वह कक्षाओं के बाद देर रात तक दो घंटे का अतिरिक्त अध्ययन करती थीं। शांभवी का अगला लक्ष्य डॉक्टर बनना है और वह अब पूरी तरह से आगामी 3 मई को होने वाली नीट परीक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

उन्होंने अपनी बोर्ड परीक्षा और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारियों के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाया और नियमित मॉक टेस्ट के जरिए खुद को साबित किया।

पिता के अनुसार, शांभवी बचपन से ही पढ़ाई को लेकर अनुशासित और आत्मनिर्भर रही हैं और उन्होंने कभी उन पर पढ़ाई का दबाव नहीं डाला। अपनी इस बड़ी कामयाबी का श्रेय शांभवी ने अपने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। उनका संदेश है कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सोशल मीडिया जैसे भटकाव से दूरी बनाकर किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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Created On :   30 April 2026 11:08 PM IST

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