हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने एनआईटी कुरुक्षेत्र में आत्महत्या की घटनाओं पर मांगी रिपोर्ट
चंडीगढ़, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में हाल के दिनों में सामने आई आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास की कई घटनाओं का स्वत: संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच शुरू की है।
आयोग ने मीडिया रिपोर्ट और प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि कम समय में इस तरह की कई घटनाएं सामने आना छात्र सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रथम वर्ष के छात्र ने हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन समय रहते उसे बचा लिया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इससे पहले 16 अप्रैल को एक द्वितीय वर्ष के छात्र का शव उसके हॉस्टल कमरे में मिला था। इस घटना के बाद छात्रों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। इसके अलावा फरवरी और मार्च में भी दो छात्रों की मौत के मामले सामने आए, जबकि 8 अप्रैल को भी एक और घटना दर्ज की गई, जो इस तरह की घटनाओं के लगातार सामने आने की ओर इशारा करती है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया ने चिंता जताते हुए कहा कि लगातार घटनाओं के बावजूद संस्थान की ओर से उठाए गए कदम सीमित नजर आते हैं। अब तक केवल दो प्रोफेसरों का तबादला किया गया है, जो पर्याप्त नहीं है।
18 अप्रैल को हुए ताजा आत्महत्या प्रयास के बाद आयोग ने माना कि अब तक उठाए गए कदम न तो पर्याप्त हैं और न ही प्रभावी।
आयोग ने यह भी कहा कि इन घटनाओं से संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य सहायता, काउंसलिंग सेवाओं, निगरानी व्यवस्था और संकट प्रबंधन तंत्र में संभावित कमियां सामने आती हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा भी उनकी जिम्मेदारी है। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति प्रथम दृष्टया इन जिम्मेदारियों को निभाने में विफलता को दर्शाती है और भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 के तहत जीवन, गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य के अधिकार पर भी सवाल उठाती है।
आयोग ने यह भी कहा कि यह मामला भारत की अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार प्रतिबद्धताओं, खासकर मानव अधिकारों का सार्वजनिक घोषणापत्र से भी जुड़ा हुआ है। आयोग ने एनआईटी कुरुक्षेत्र के निदेशक और संबंधित जिला उपायुक्त से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 19 मई को निर्धारित की गई है।
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Created On :   23 April 2026 3:47 PM IST












