भारत-थाईलैंड के बीच बढ़ेगा व्यापार और संपर्क, राजदूत पुनीत अग्रवाल ने कई मुद्दों पर की चर्चा
बैंकॉक, 16 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के थाईलैंड में राजदूत पुनीत अग्रवाल ने गुरुवार को थाईलैंड के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका मामलों की महानिदेशक (डीजी) उरासा मोंगकोलनाविन से मुलाकात की। दोनों ने भारत और थाईलैंड के स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम मुद्दों पर बातचीत की।
थाईलैंड में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "राजदूत पुनीत अग्रवाल ने थाईलैंड के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका मामलों की महानिदेशक उरासा मोंगकोलनाविन से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने उच्च स्तरीय दौरे, व्यापार और निवेश, लोगों के बीच आपसी संपर्क, जन स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा और अन्य साझा हितों से जुड़े कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, ताकि भारत और थाईलैंड की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया जा सके।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले साल अप्रैल में बैंकॉक यात्रा के दौरान भारत और थाईलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था।
इससे पहले गुरुवार को ही पुनीत अग्रवाल ने थाईलैंड के व्यापार प्रतिनिधि चुटिनटोर्न गोंगसाकडी से गवर्नमेंट हाउस में मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
भारतीय दूतावास ने 'एक्स' पर लिखा, "राजदूत पुनीत अग्रवाल ने थाईलैंड के व्यापार प्रतिनिधि चुटिनटोर्न गोंगसाकडी से गवर्नमेंट हाउस में सौहार्दपूर्ण और उपयोगी मुलाकात की। बातचीत में भारत और थाईलैंड के बीच व्यापार और निवेश को मजबूत करने, दोनों देशों की ताकत वाले क्षेत्रों की पहचान करने, शुल्क (टैरिफ) और गैर-शुल्क (नॉन-टैरिफ) बाधाओं को दूर करने और दोनों के लिए लाभदायक संतुलित व्यापार को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।"
30 जून को पुनीत अग्रवाल ने थाईलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ से भी मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए व्यापार और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
भारतीय दूतावास के अनुसार, "बातचीत में भारत-थाईलैंड रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए संतुलित तरीके से व्यापार और निवेश बढ़ाने, धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों, लोगों के बीच संपर्क, कनेक्टिविटी परियोजनाओं और क्षेत्रीय मुद्दों पर बेहतर सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई।"
इससे पहले मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुतिन चर्नविराकुल को थाईलैंड का प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई दी थी और उनके साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई थी।
भारत और थाईलैंड के बीच लंबे समय से अच्छे और दोस्ताना संबंध हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध 1947 में स्थापित हुए थे। साल 2022 में दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाया था।
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Created On :   16 July 2026 11:06 PM IST












