भारत ने म्यांमार को भूकंप प्रभावित इमारतों की जांच के लिए तकनीकी उपकरण सौंपे

भारत ने म्यांमार को भूकंप प्रभावित इमारतों की जांच के लिए तकनीकी उपकरण सौंपे
भारत ने सोमवार को म्यांमार के यांगून शहर में आयोजित एक समारोह में फेडरेशन ऑफ म्यांमार इंजीनियरिंग सोसाइटीज को भूकंप के बाद इमारतों की विस्तृत जांच के लिए उपकरण सौंपे।

यांगून, 30 मार्च (आईएएनएस)। भारत ने सोमवार को म्यांमार के यांगून शहर में आयोजित एक समारोह में फेडरेशन ऑफ म्यांमार इंजीनियरिंग सोसाइटीज को भूकंप के बाद इमारतों की विस्तृत जांच के लिए उपकरण सौंपे।

यांगून स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत सरकार की अनुदान सहायता के तहत उठाया गया यह कदम म्यांमार में भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों और संगठनों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने में नई दिल्ली के निरंतर समर्थन को दर्शाता है।

इस प्रतिबद्धता का उल्लेख विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसी महीने यांगून में सरसोबेकमैन साहित्यिक केंद्र के उद्घाटन के दौरान अपने वर्चुअल संबोधन में किया था।

म्यांमार में भारत के राजदूत अभय ठाकुर ने तकनीकी उपकरण फेडरेशन ऑफ म्यांमार इंजीनियरिंग सोसाइटीज के अध्यक्ष यू खिन माउंग हटे को सौंपे। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें म्यांमार इंजीनियरिंग काउंसिल के अध्यक्ष आंग क्याव म्यात, म्यांमार भूकंप समिति के अध्यक्ष यू न्युंट माउंग सान और यांगून टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के रेक्टर हला म्यो टुन शामिल थे।

समारोह के बाद उपकरणों और उनके उपयोग का प्रदर्शन किया गया।

भारतीय दूतावास ने बताया कि भारत की ओर से दिए गए उन्नत तकनीकी उपकरणों में विभिन्न विशेष उपकरण शामिल हैं, जैसे भूमिगत जांच, लेवलिंग और डिजिटल मूल्यांकन, संरचनात्मक संरेखण तथा कंक्रीट की मजबूती और गुणवत्ता का परीक्षण करने, रीइन्फोर्समेंट की स्थिति पहचानने और संरचनात्मक विकृति की निगरानी के लिए उपकरण।

दूतावास ने कहा कि यह सहायता संरचनात्मक मूल्यांकन की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ भूकंप प्रभावित इमारतों के पुनरुद्धार और मरम्मत कार्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से दी गई है।

भारतीय दूतावास के अनुसार, इन उपकरणों का उपयोग नुकसान के विस्तृत मानचित्रण, भवनों की मजबूती के आकलन और मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिए सही निर्णय लेने में महत्वपूर्ण मदद करेगा, जिससे म्यांमार में दीर्घकालिक पुनर्वास और आपदा-रोधी क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

4 मार्च को यांगून में भारत की सहायता से निर्मित तीन मंजिला साहित्यिक केंद्र 'सरसोबेकमैन भवन' का उद्घाटन भी किया गया था। इसकी अनुमानित लागत लगभग 3.77 मिलियन डॉलर है।

म्यांमार के लोगों की साहित्यिक परंपराओं के संरक्षण और विकास के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल ने, इस दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में सहयोग के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   30 March 2026 10:11 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story