भारत की पश्चिम एशिया हालात पर पूरी नजर, पीएम के निर्देशानुसार खाड़ी देशों से संवाद जारी विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि भारत की पश्चिम एशिया के बदलते हालात पर पैनी नजर है और उस क्षेत्र के सभी देशों से संवाद जारी है।
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है और ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय जहाजों की सकुशल निकासी को लेकर बातचीत जारी रखे हुए है।
उन्होंने कहा, "भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर खाड़ी देशों के साथ संपर्क और संवाद को और मजबूत किया गया है।"
जायसवाल ने अहम दौरों का उल्लेख करते हुए आगे कहा, "हाल के दिनों में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने सऊदी अरब का दौरा किया, विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की, और पेट्रोलियम मंत्री कतर गए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने भी खाड़ी देशों के अपने समकक्षों के साथ कई बैठक की। इन समन्वित प्रयासों का उद्देश्य भारत और खाड़ी देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, भारतीय प्रवासियों के कल्याण और अन्य साझा मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करना है।"
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने रविवार को रियाद का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सऊदी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकें कीं, जिनका मकसद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, ऊर्जा सहयोग बढ़ाना और क्षेत्र के अहम घटनाक्रमों पर चर्चा करना था। यह दौरा बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करता है।
अपने दौरे के दौरान, एनएसए डोभाल ने सऊदी के कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात की, जिनमें ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान, और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसाद अल-ऐबान शामिल थे।
जायसवाल से जब पूछा गया कि क्या ईरान ने शनिवार को हुई गोलीबारी की घटना के बारे में भारत को कोई नई जानकारी दी है, तो उन्होंने कहा, "मैं आपको बस इतना बता सकता हूं कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरानी अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। साथ ही, ईरान में हमारे कई भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं, इसलिए हम उनकी सुरक्षा और कुशलता को लेकर भी ईरानी अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं।"
शनिवार को, होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी को गंभीरता से लेते हुए विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया। इसमें बताया गया कि इस मुद्दे पर ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली की विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ बैठक हुई थी।
इस बैठक के दौरान, भारत ने दो भारतीय-ध्वज वाले जहाजों पर हुई गोलीबारी की घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की। इन जहाजों पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की गनबोट्स ने फायरिंग की थी।
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Created On :   21 April 2026 7:17 PM IST












