मई में ईसीबी से फंड जुटाने के लिए भारतीय कंपनियों के प्रस्तावों में हुई 25.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी, बैंकों को एआई और साइबर सुरक्षा पर जोर देने की सलाह आरबीआई
मुंबई, 14 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय कंपनियों ने विदेशी बाजारों से धन जुटाने की रफ्तार तेज कर दी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ईसीबी) के जरिए धन जुटाने के लिए भारतीय कंपनियों के प्रस्तावों में 25.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, और यह बढ़कर 4.73 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जो अप्रैल 2026 में 3.77 अरब डॉलर था।
आरबीआई ने मई के लिए एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ईसीबी), फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (एफसीसीबी) और रुपया डिनॉमिनेटेड बॉन्ड्स (आरडीबी) से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें ऑटोमैटिक और अप्रूवल दोनों रूट के तहत किए गए प्रस्ताव शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मई में कंपनियों की ओर से विदेशी कर्ज जुटाने की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली।
फंड जुटाने की योजना बनाने वाली कंपनियों में इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरएफसी) सबसे आगे रही। कंपनी ने 1.11 अरब डॉलर से अधिक जुटाने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद एनटीपीसी ने 75 करोड़ डॉलर (750 मिलियन डॉलर) जुटाने की योजना पेश की।
इस बीच, आरबीआई ने बताया कि मंगलवार को मुंबई में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कुछ निजी बैंकों के प्रबंध निदेशकों (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ उसकी अर्धवार्षिक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर ने की।
बैठक में आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में व्यापक स्तर पर वृद्धि देखने को मिल रही है और बैंकों को अर्थव्यवस्था के सभी वर्गों की जरूरतों को विवेकपूर्ण तरीके से पूरा करते रहना चाहिए। उन्होंने बैंकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों का अधिक उपयोग करने की सलाह दी, ताकि उनकी पहुंच बढ़े, परिचालन लागत कम हो, ग्राहक सेवाएं बेहतर हों और कार्यकुशलता में सुधार आए। साथ ही उन्होंने साइबर सुरक्षा, मजबूत आंतरिक नियंत्रण और डेटा के दुरुपयोग व धोखाधड़ी से बचाव के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान सीकेवाईसीआर, नकली भारतीय मुद्रा (एफआईसीएन) की शुरुआती पहचान, म्यूलहंटर प्लेटफॉर्म, केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी), यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई), अकाउंट एग्रीगेटर, एफएक्स रिटेल और रिटेल-डायरेक्ट जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैंक प्रतिनिधियों ने इन पहलों और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अपने सुझाव आरबीआई के साथ साझा किए।
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Created On :   14 July 2026 9:29 PM IST












