जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी पर विवाद, नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक की टिप्पणी से मुस्लिम स्कॉलर नाराज

जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी पर विवाद, नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक की टिप्पणी से मुस्लिम स्कॉलर नाराज
इस्लामी विद्वानों और धर्मगुरुओं के एक संगठन ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के एक विधायक की आलोचना की। यह आलोचना केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर विधायक के बयान को लेकर की गई।

श्रीनगर, 31 मार्च (आईएएनएस)। इस्लामी विद्वानों और धर्मगुरुओं के एक संगठन ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के एक विधायक की आलोचना की। यह आलोचना केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर विधायक के बयान को लेकर की गई।

मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) के प्रवक्ता मीरवाइज उमर फारूक ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक और रिटायर्ड जस्टिस हसनेन मसूदी के एक गैर-जिम्मेदाराना बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। बयान में उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में शराब की बिक्री को इससे होने वाले राजस्व लाभ के आधार पर सही ठहराया था।

प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं, खासकर तब जब इस्लाम में नशीली चीजों पर स्पष्ट रोक है। यह इस्लाम के मूल्यों और मान्यताओं के बिल्कुल विपरीत है। यह बयान शराब के सेवन से परिवारों और समाज पर पड़ने वाले गंभीर सामाजिक परिणामों को भी नजरअंदाज करता है, जिनमें घरेलू कलह, आर्थिक तंगी और नैतिक पतन शामिल हैं।

प्रवक्ता ने यह भी कहा कि एक ऐसे राजनीतिक दल की ओर से इस तरह का तर्क देना बेहद निराशाजनक और चिंताजनक है।

एमएमयू ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक हितों को नैतिक, सामाजिक और मानवीय कल्याण से ऊपर नहीं रखा जा सकता। राजस्व के आधार पर शराब को सही ठहराना शासन के प्रति एक परेशान करने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

इसे एक जानी-मानी बुराई बताते हुए एमएमयू ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से इस मामले पर अपना रुख साफ करने को कहा। साथ ही, समाज के व्यापक हित और यूटी के भविष्य को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में शराब पर पूरी तरह से रोक लगाने और इसकी तस्करी में शामिल लोगों को कड़ी सजा देने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक निजी सदस्य द्वारा पेश किए गए उस बिल पर बहस होने की संभावना है, जिसमें यूटी में शराब की बिक्री और खरीद पर रोक लगाने की मांग की गई है।

जम्मू-कश्मीर में शराब की बिक्री और खरीद देश में ब्रिटिश शासन के समय से ही कानूनी रही है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   31 March 2026 5:05 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story