आंध्र प्रदेश में एमपीटीसी-जेडपीटीसी चुनाव के नामांकन के दौरान वाईएसआरसीपी के कई नेता हिरासत में, कडप्पा सांसद भी शामिल
विजयवाड़ा, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश में एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान गुरुवार को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें कडप्पा के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी, पूर्व उपमुख्यमंत्री अमजथ बाशा और एमएलसी रामचंद्र रेड्डी शामिल हैं।
विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन भी उसके उम्मीदवारों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हमले, हिंसा और धमकियों का सिलसिला जारी रहा।
पार्टी के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने सुबह से ही उसके कई वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया या उन्हें उनके घरों में नजरबंद कर दिया।
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि जहां तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेता और कार्यकर्ता विपक्षी उम्मीदवारों पर कथित रूप से हमले कर रहे थे और नामांकन दाखिल करने में बाधा डाल रहे थे, वहीं पुलिस मूकदर्शक बनी रही और इसके बजाय वाईएसआरसीपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया।
वाईएसआरसीपी के अनुसार, सांसद अविनाश रेड्डी को पार्टी उम्मीदवारों का नामांकन सुनिश्चित करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास को बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने घेर लिया और उन्हें नजरबंद करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें बाहर निकलने और चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने से रोक दिया।
बाद में जब अविनाश रेड्डी कडप्पा स्थित वाईएसआरसीपी कार्यालय पहुंचे, तो पुलिस ने परिसर को घेर लिया और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी रोकने का प्रयास किया, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
पार्टी के मुताबिक, पुलिस अविनाश रेड्डी और वरिष्ठ नेता रवींद्रनाथ रेड्डी को जबरन पार्टी कार्यालय से ले गई। इसके बाद अविनाश रेड्डी को पुलिवेंदुला की ओर ले जाया गया, जबकि रवींद्रनाथ रेड्डी, पूर्व उपमुख्यमंत्री अमजथ बाशा और एमएलसी रामचंद्र रेड्डी को कथित तौर पर ओंटिमिट्टा की ओर ले जाया गया।
वाईएसआरसीपी ने सवाल उठाया कि जब उसके वरिष्ठ नेता केवल पार्टी उम्मीदवारों को लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने में मदद करने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें गिरफ्तार क्यों किया जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए अविनाश रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिस वाईएसआरसीपी के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए उन्हें जबरन अपने साथ ले जा रही है। उन्होंने दावा किया कि टीडीपी कार्यकर्ता विपक्षी उम्मीदवारों पर पत्थरों और लाठियों से हमला कर रहे थे, जबकि पुलिस हमलावरों का समर्थन कर रही थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनाव के नियम और प्रतिबंध केवल वाईएसआरसीपी नेताओं पर लागू होते हैं, टीडीपी नेताओं पर नहीं।
अनंतपुर जिले में पूर्व विधायक केथीरेड्डी पेद्दा रेड्डी को तड़ीमार्री मंडल के थिम्मापल्ली स्थित उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। पार्टी के अनुसार, येल्लानूर में टीडीपी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर नामांकन में बाधा डालने के बाद वह वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों के साथ नामांकन दाखिल कराने जाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए सवाल उठाया कि अधिकारी हिंसा करने वालों को रोकने के बजाय विपक्षी नेताओं पर प्रतिबंध क्यों लगा रहे हैं। वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री साके शैलजानाथ को सिंगनमला में नजरबंद किया गया। पूर्व विधायक वाई. वेंकटरामी रेड्डी को भी अनंतपुर में नजरबंद किया गया और एमपीटीसी-जेडपीटीसी चुनावों के संबंध में पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी किए।
बापटला जिले के रेपल्ले विधानसभा क्षेत्र के निजामपट्टनम में हिंसा की खबर सामने आई। वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि टीडीपी कार्यकर्ताओं ने उसके उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़ दिए, एक उम्मीदवार के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया और पार्टी नेताओं पर हमला किया। इस घटना में वाईएसआरसीपी के तीन नेता घायल हो गए।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि ये हमले मंत्री अनगनी सत्य प्रसाद के उकसावे पर किए गए। उन्होंने हिंसा रोकने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस की कथित विफलता पर नाराजगी जताई।
कुप्पम विधानसभा क्षेत्र में वाईएसआरसीपी नेता दंडापानी को संतीपुरम से गिरफ्तार किए जाने को पार्टी ने अवैध बताया। पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार को उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी, जिससे परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वाईएसआरसीपी ने पुलिस से तत्काल उनका स्थान बताने और हिरासत में लेने का आधार स्पष्ट करने की मांग की।
पलनाडु जिले के पेदाकुरापाडु में भी पुलिस ने एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों के नामांकन में हिस्सा लेने से रोकने के लिए वाईएसआरसीपी के कई नेताओं को हिरासत में लिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस एमपीटीसी उम्मीदवार बच्चा को जबरन अपने साथ ले गई। इसके अलावा, बुधवार रात भी कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया था।
माचेरला में पूर्व विधायक पिनेल्ली रामकृष्ण रेड्डी को नजरबंद कर दिया गया। उनके आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया और परिसर के चारों ओर लोहे की बाड़ तथा बैरिकेड लगाए गए।
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Created On :   22 Oct 2026 3:15 PM IST












