केरल मुख्यमंत्री सतीशन ने बजट पर चर्चा को लेकर बुलाई बैठक, 19 जून पर टिकी सभी निगाहें

केरल मुख्यमंत्री सतीशन ने बजट पर चर्चा को लेकर बुलाई बैठक, 19 जून पर टिकी सभी निगाहें
केरल के राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री वीडी सतीशन की हाल के दिनों में सार्वजनिक रूप से कम उपस्थिति को लेकर अटकलों का दौर जारी है। इस दौरान सभी की निगाहें उनके आगामी पहले राज्य बजट पर टिकी हैं, जिसे 19 जून को पेश किया जाना है।

तिरुवनंतपुरम, 13 जून (आईएएनएस)। केरल के राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री वीडी सतीशन की हाल के दिनों में सार्वजनिक रूप से कम उपस्थिति को लेकर अटकलों का दौर जारी है। इस दौरान सभी की निगाहें उनके आगामी पहले राज्य बजट पर टिकी हैं, जिसे 19 जून को पेश किया जाना है।

यह बजट नई सरकार की दिशा तय करने वाला और पिनाराई विजयन सरकार के मुखर आलोचक से नीति निर्माता के रूप में सतीशन के परिवर्तन की परीक्षा लेने वाला साबित होगा।

बजट से पहले, सतीशन अपने आधिकारिक आवास, कैंटोनमेंट हाउस और सुरम्य कोवलम गेस्ट हाउस के बीच लगातार आ-जा रहे हैं, जहां वे सलाहकारों की एक चुनिंदा टीम के साथ बंद कमरे में चर्चा कर रहे हैं।

इन चर्चाओं के केंद्र में केरल की तंग आर्थिक स्थिति है। वरिष्ठ नौकरशाह और उनके सचिव रतन यू. खेलकर उनकी सहायता कर रहे हैं। बजट में नए राजस्व स्रोतों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है, ताकि बढ़ती लागतों से जूझ रही आबादी पर और बोझ न पड़े।

उम्मीद है कि ध्यान नए राजस्व स्रोतों की खोज पर होगा, ताकि बढ़ती लागतों से जूझ रही जनता पर और दबाव न पड़े।

लगभग 25 वर्षों तक विधायक रहने के बावजूद, सतीशन का प्रशासनिक अनुभव अधिकतर विपक्ष की बेंचों से आया है। लेकिन ये वर्ष अब उनके लिए सबसे बड़ी संपत्ति साबित हो सकते हैं।

2006 से 2011 तक और फिर 2016 से 2026 तक सतीशन वामपंथी सरकारों के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाने वाली सबसे मुखर आवाजों में से एक थे। उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री थॉमस आइजैक और बाद में केएन बालागोपाल को बार-बार चुनौती दी, उनके बजटों का विश्लेषण किया, और ऋण, व्यय, और राजस्व पर सवाल उठाए। अब, वही सवाल उनके सामने फिर से आ रहे हैं।

29 मई को जारी श्वेत पत्र ने उनके विकल्पों को सीमित कर दिया है। सतीशन के सामने चुनौती केवल बजट पेश करना नहीं है, बल्कि आम जनता को यह विश्वास दिलाना है कि इससे उन्हें राहत मिलेगी।

क्या पहले लगाया गया ईंधन उपकर वापस लिया जाएगा, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी? क्या सरकारी कर्मचारियों को लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) के भुगतान के माध्यम से राहत मिलेगी? 15 जून, सोमवार से महिलाओं को राज्य द्वारा संचालित सामान्य बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ मिलने के बाद, क्या सरकार उनके लिए और अधिक योजनाओं की घोषणा करेगी?

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Created On :   13 Jun 2026 7:12 PM IST

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