विजिलेंस की कार्रवाई, जारपाडा पुलिस स्टेशन में तैनात एएसआई रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

विजिलेंस की कार्रवाई, जारपाडा पुलिस स्टेशन में तैनात एएसआई रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार
ओडिशा के अंगुल जिले स्थित जारपाडा पुलिस स्टेशन में तैनात असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) सीता नायक को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। विजिलेंस ने उन्हें जारपाडा पुलिस स्टेशन में एक मामले को सुलझाने के लिए 8,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगोंहाथ पकड़ा है।

भुवनेश्वर, 13 जून (आईएएनएस)। ओडिशा के अंगुल जिले स्थित जारपाडा पुलिस स्टेशन में तैनात असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) सीता नायक को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। विजिलेंस ने उन्हें जारपाडा पुलिस स्टेशन में एक मामले को सुलझाने के लिए 8,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगोंहाथ पकड़ा है।

एएसआई सीता नायक जारपाडा पुलिस स्टेशन इलाके के बडाहीनसार गांव के एक निवासी लक्ष्मीधर साहू से पुलिस स्टेशन में रिश्वत ले रही थी। कुछ दिन पहले लक्ष्मीधर और उनके एक दोस्त के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा, लेकिन बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया।

हालांकि, इस मामले में एएसआई सीता नायक ने लक्ष्मीधर को बताए बिना मामला कोर्ट भेज दिया। जब लक्ष्मीधर को इसके बारे में पता चला तो वह पुलिस स्टेशन गए और सीता से बात की। सीता ने उनसे 8,000 रुपए मांगे और मामला सुलझाने की बात कही। इसके बाद लक्ष्मीधर विजिलेंस के पास पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी।

इसी को लेकर विजिलेंस की ओर से योजना के अनुसार, शनिवार की सुबह विजिलेंस ने उन्हें पुलिस थाने में रंगों हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। वह अब हिरासत में हैं। विजिलेंस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई कर रही है।

बता दें कि रिश्वत से जुड़ा एक इसी प्रकार का मामला पश्चिम बंगाल से सामने आया, जहां बहुचर्चित नगर पालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी के सूत्रों के अनुसार, कोलकाता जोन की टीम ने शनिवार को मदन मित्रा से संबंधित 7 ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया।

यह पूरा मामला नगरपालिकाओं में नौकरी दिलाने के बदले कथित तौर पर करोड़ों रुपए लेने से जुड़ा है। जांच में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, उनके मुताबिक मदन मित्रा ने विभिन्न नगर पालिकाओं में अवैध नियुक्तियों के बदले मध्यस्थों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी। इनमें कामारहाटी नगर पालिका भी शामिल है। सूत्रों ने बताया कि मदन मित्रा 125 से अधिक अवैध नियुक्तियों से सीधे जुड़े पाए गए हैं, जिनमें अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरियां दिलाई गईं।

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Created On :   13 Jun 2026 7:12 PM IST

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