महाराष्ट्र अवैध आईवीएफ सेंटरों के खिलाफ सरकार करेगी कार्रवाई, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मकोका लगाने की तैयारी
मुंबई, 1 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को अवैध रूप से लिंग जांच और गलत तौर-तरीकों को रोकने के लिए राज्य भर में बिना मंजूरी के चल रहे सोनोग्राफी और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
महाराष्ट्र विधानसभा में सार्वजनिक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश अबितकर ने घोषणा की कि राज्य सरकार कानून तोड़ने वालों के खिलाफ 'महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट' (मकोका) लागू करने की योजना बना रही है।
यह घोषणा सत्र के दौरान की गई, जब विधायक अबू आजमी ने राज्य भर में चल रही बिना नियम-कानून वाली आईवीएफ सुविधाओं के बारे में गंभीर चिंताएं जताईं।
हरीश पिंपल, अजय चौधरी, योगेश सागर और राहुल पाटिल सहित अन्य विधायकों ने भी अतिरिक्त सवाल पूछकर चर्चा में हिस्सा लिया।
मंत्री अबितकर ने महाराष्ट्र में आईवीएफ इलाज और बिना जरूरत के होने वाले सिजेरियन सेक्शन (सी-सेक्शन) डिलीवरी, दोनों में चिंताजनक और अनावश्यक बढ़ोतरी की ओर ध्यान दिलाया।
इससे निपटने के लिए, राज्य एक व्यापक नियम-कानून का ढांचा तैयार करेगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि आईवीएफ इलाज सिर्फ मेडिकल जरूरत के आधार पर ही बताया जाए।
मंत्री ने कहा, "हम अनैतिक मेडिकल प्रैक्टिस के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाते हैं। आईवीएफ में गलत प्रैक्टिस और 'प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स' (पीसीपीएनडीटी) एक्ट के उल्लंघन में शामिल लोगों को कड़ी सजा देने के लिए मकोका लागू करने सहित कड़े कानूनी प्रावधान लाए जाएंगे। यह दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों, एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ और हॉस्पिटल मैनेजमेंट पर लागू होगा।"
मंत्री ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों की हालिया कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। बदलापुर और अंबरनाथ में एक गैर-कानूनी गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद, इसमें शामिल डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मंत्री ने आगे कहा कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने उनके मेडिकल लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हाल ही में एक क्षेत्रीय विशेषज्ञ समिति ने चंद्रपुर में 'बेबीश्योर क्लिनिक' और 'इंदिरा आईवीएफ सेंटर' का निरीक्षण किया।
मंत्री ने कहा, "कई तरह की संरचनात्मक और कामकाज से जुड़ी अनियमितताएं मिलने के बाद, दोनों सेंटरों को तुरंत अपना कामकाज रोकने का आदेश दिया गया है, जब तक वे आधिकारिक 'लेवल-1 असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी' (एआरटी) रजिस्ट्रेशन हासिल नहीं कर लेते। यह मामला अभी कोर्ट में है।"
उन्होंने सदन को बताया कि राज्य सरकार गरीबों को लाभ पहुंचाने के लिए आईवीएफ सुविधा को 'महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना' के तहत शामिल करने पर विचार कर रही है।
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Created On :   1 July 2026 8:39 PM IST












