मारुति सुजुकी ने खरखौदा प्लांट में शुरू किया 1 एमडब्ल्यूएच बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, हर साल 54 टन कार्बन उत्सर्जन होगा कम

मारुति सुजुकी ने खरखौदा प्लांट में शुरू किया 1 एमडब्ल्यूएच बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, हर साल 54 टन कार्बन उत्सर्जन होगा कम
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने बुधवार को हरियाणा स्थित अपने खरखौदा विनिर्माण संयंत्र में 1 एमडब्ल्यूएच क्षमता का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) शुरू करने की घोषणा की। कंपनी का कहना है कि यह कदम नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में उसकी रणनीति का हिस्सा है।

नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने बुधवार को हरियाणा स्थित अपने खरखौदा विनिर्माण संयंत्र में 1 एमडब्ल्यूएच क्षमता का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) शुरू करने की घोषणा की। कंपनी का कहना है कि यह कदम नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में उसकी रणनीति का हिस्सा है।

कंपनी के अनुसार, बैटरी स्टोरेज सिस्टम को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर संयंत्र के आंतरिक बिजली वितरण नेटवर्क से जोड़ा गया है, ताकि प्लांट में उत्पन्न होने वाली सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग किया जा सके।

मारुति सुजुकी ने वर्ष 2025 में खरखौदा संयंत्र में 20 एमडब्ल्यूपी क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की थी। हालांकि, प्लांट की छुट्टियों या कम मांग वाले समय में सोलर प्लांट से बनने वाली अतिरिक्त बिजली का पूरा उपयोग नहीं हो पाता था।

कंपनी ने बताया कि नया बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) ऐसी अतिरिक्त बिजली को स्टोर करेगा और जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जाएगा, जिससे न केवल सौर ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल होगा, बल्कि बिजली ग्रिड की स्थिरता भी मजबूत होगी।

मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी भारत में आत्मनिर्भर हरित ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के प्रयासों में लगातार योगदान दे रही है।

उन्होंने कहा, "खरखौदा संयंत्र में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लगभग 15 वर्ष के जीवनकाल वाले इस सिस्टम से हर साल करीब 54 टन कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन में कमी आएगी।"

ताकेउची ने कहा कि आने वाले वर्षों में कंपनी का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन इसके साथ ही वह विनिर्माण गतिविधियों से होने वाले स्कोप-1 और स्कोप-2 कार्बन उत्सर्जन को कार्बन इंटेंसिटी और कुल उत्सर्जन दोनों स्तरों पर कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि कंपनी की यह रणनीति उसकी मूल कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पर्यावरणीय विजन के अनुरूप है, जिसके तहत वित्त वर्ष 2030-31 तक वित्त वर्ष 2023 की तुलना में स्कोप-1 और स्कोप-2 कार्बन उत्सर्जन में 42 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि जुलाई की शुरुआत में मारुति सुजुकी ने हरियाणा के आईएमटी खरखौदा में अपने सबसे आधुनिक वाहन विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्र को समर्पित किया था।

करीब 800 एकड़ में फैला यह एकीकृत विनिर्माण परिसर सप्लायर पार्क के साथ विकसित किया गया है और पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने पर इसे दुनिया के सबसे बड़े वाहन निर्माण केंद्रों में शामिल किया जाएगा।

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Created On :   8 July 2026 6:24 PM IST

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