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ताजबाग का उत्सव: हज़रत ताजुद्दीन बाबा का 104वां उर्स शुरू, परचमकुशाई की रस्म के साथ हुआ आगाज़

Nagpur News. हज़रत ताजुद्दीन बाबा रहमतुल्लाहि अलैह का 104वां सालाना उर्स बुधवार से परंपरागत परचमकुशाई की रस्म के साथ शुरू हो गया। ताजाबाद शरीफ में अकीदतमंदों की भारी मौजूदगी के बीच रूहानी माहौल में उर्स का शुभारंभ हुआ। परंपरा के अनुसार परचम फहराए जाने के साथ ही विभिन्न धार्मिक एवं रूहानी कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।
परचमकुशाई की रस्म पंचम राजे रघुजी भोंसले के हाथों संपन्न हुई। इस अवसर पर राजा रघुजी राव भोंसले के वंशजों ने परंपरा का निर्वहन करते हुए परचम बुलंद किया। इसे आस्था, भाईचारे और परंपरा का प्रतीक माना जाता है।
दरगाह परिसर में आयोजित कार्यक्रम में हज़रत बाबा ताजुद्दीन औलिया दरगाह के सज्जादानशीन सैयद युसूफ इक़बाल ताजी की सरपरस्ती, अमीरे शरीयत मुफ्ती अब्दुल कदीर खान की अध्यक्षता तथा मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सैयद आले मुस्तफा कादरी मुसावी (हैदराबाद) के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित हुए।
इस अवसर पर हज़रत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट के चेयरमैन प्यारे जिया खान, सचिव ताज अहमद राजा, उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र जिचकार, ट्रस्टी फ़ारूकभाई बावला, हाजी इमरान खान ताजी, गजेंद्रपाल सिंह लोहिया, मुस्तफाभाई टोपीवाला तथा दरगाह खुद्दाम कमेटी के अध्यक्ष सैयद मोबीन ताजी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उर्स के सफल आयोजन में योगदान देने वाले शासकीय अधिकारियों एवं अतिथियों का सम्मान भी किया गया। सहायक महसूल अधिकारी हाजी शरीफ शेख, जो उर्स की व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं, उनका भी सम्मान किया गया। कलेक्ट्रेट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व्यस्तता के कारण उपस्थित नहीं हो सके, इसलिए उनकी ओर से हाजी शरीफ शेख ने अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न ग्रहण किया।
उर्स का कार्यक्रम
- 8 जुलाई: सूफी नाइट
- 9 जुलाई: तकरीर, जिसमें मौलाना मुहम्मद अहमद नक्शबंदी किबला (हैदराबाद) एवं सूफी डॉ. शाह जाकीर हामीद साहेब (कलम शरीफ) संबोधित करेंगे।
- 10 जुलाई: रात 10 बजे मिलाद शरीफ एवं कव्वाली।
- 11 जुलाई: मुंबई के प्रसिद्ध कव्वाल मुस्तफा नाज़ा की कव्वाली।
- 12 जुलाई: सुबह शाही संदल जुलूस तथा रात में मिलाद शरीफ एवं कव्वाली।
- 13 जुलाई: छोटा कुल शरीफ तथा रात में नातिया, मनकबती मुशायरा एवं कव्वाली।
- 14 जुलाई: मिलाद शरीफ एवं तकरीर। इसमें अल्लामा मौलाना सैय्यद अमीनुल कादरी (मालेगांव) संबोधित करेंगे।
- 15 जुलाई: बड़ा कुल शरीफ तथा रात में मिलाद शरीफ। इसी दिन बॉलीवुड सूफी गायक सलमान अली की विशेष प्रस्तुति होगी।
- 16 जुलाई: तकरीर, जिसमें मुफ्ती सलमान अजहरी (मुंबई) संबोधित करेंगे।
- 17 जुलाई: मुशायरा।
- 18 जुलाई: कव्वाली, जिसमें अल्तमश फरीदी अपनी प्रस्तुति देंगे।
- 19 जुलाई: महफिल-ए-शमा एवं ख़ुसूसी दुआ। दुआ मौलाना सैयद आलमगीर अशरफ कराएंगे।
यह 104वां उर्स 19 जुलाई तक विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के शामिल होने की उम्मीद है।
Created On :   8 July 2026 6:46 PM IST










