मिजोरम में 19.21 करोड़ रुपये की मेथ टैबलेट जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

मिजोरम में 19.21 करोड़ रुपये की मेथ टैबलेट जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार
मिजोरम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 19.21 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की मेथामफेटामाइन टैबलेट की खेप जब्त की है। इस मामले में मणिपुर के रहने वाले दो कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

अजवाइल, 19 मई (आईएएनएस)। मिजोरम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 19.21 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की मेथामफेटामाइन टैबलेट की खेप जब्त की है। इस मामले में मणिपुर के रहने वाले दो कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि मणिपुर से आइजोल की ओर जा रही एक सफेद रंग की कार को सैतुअल जिले के केइफांग जंक्शन के बाहरी इलाके में संदेह के आधार पर रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए।

अधिकारी के अनुसार, कार से 20 बंडलों में छिपाकर रखी गई कुल 2.02 लाख मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद की गईं, जिनका वजन 24.016 किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत 19.21 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

पुलिस ने बताया कि नशीली गोलियां वाहन के पिछले हिस्से में स्पेयर टायर के नीचे बने खांचे और दोनों तरफ मडगार्ड के पीछे काले पॉलीथीन में छिपाकर रखी गई थीं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान थ. ओन्खोथांग हाओकिप (33) और मैथ्यू (46) के रूप में हुई है। दोनों क्रमशः मणिपुर के चंदेल और चुराचांदपुर जिलों के निवासी हैं।

पुलिस ने नशीले पदार्थों के साथ तस्करी में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, म्यांमार और बांग्लादेश से लगी लंबी और बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के कारण मिजोरम पूर्वोत्तर भारत में मादक पदार्थों और अन्य अवैध सामानों की तस्करी का बड़ा गलियारा बन गया है।

म्यांमार से सबसे ज्यादा तस्करी होने वाले नशीले पदार्थों में मेथामफेटामाइन टैबलेट शामिल हैं, जिन्हें आमतौर पर ‘याबा’ या ‘पार्टी टैबलेट’ कहा जाता है। इन्हें “क्रेजी ड्रग” के नाम से भी जाना जाता है। इन गोलियों में मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है और भारत में इन पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

अधिकारियों ने बताया कि ऐसी अवैध खेपों की तस्करी अक्सर मिजोरम के चाम्फाई, सियाहा, लॉन्गतलाई, हनाहथियाल, सैतुअल और सेरछिप जिलों के रास्ते की जाती है।

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Created On :   19 May 2026 11:47 PM IST

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