विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह की किर्गिस्तान यात्रा, एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में होंगे शाम‍िल

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह की किर्गिस्तान यात्रा, एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में होंगे शाम‍िल
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 23 जुलाई से दो दिन के लिए किर्गिस्तान की यात्रा पर जाएंगे। वह वहां शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) की बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक किर्गिस्तान के चोलपोन-अता में आयोजित होगी।

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 23 जुलाई से दो दिन के लिए किर्गिस्तान की यात्रा पर जाएंगे। वह वहां शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) की बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक किर्गिस्तान के चोलपोन-अता में आयोजित होगी।

बैठक के दौरान एससीओ के विदेश मंत्री संगठन के सहयोग से जुड़े अहम क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही वे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने अपने बयान में कहा, "एससीओ विदेश मंत्रियों की परिषद की यह बैठक 31 अगस्त से एक सितंबर 2026 तक बिश्केक में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए आयोजित की जा रही है। विदेश मंत्री एससीओ सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर विचार साझा करेंगे। उम्मीद है कि वे उन दस्तावेजों और फैसलों को अंतिम रूप देंगे, जिन्हें बिश्केक शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा।"

कीर्ति वर्धन सिंह बैठक के दौरान एससीओ सदस्य देशों के अपने समकक्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी कर सकते हैं।

किर्गिस्तान 2025-2026 के लिए एससीओ की अध्यक्षता कर रहा है। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव ने एससीओ अध्यक्षता का विषय रखा है, "एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर आगे बढ़ना।"

इससे पहले रविवार को केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किर्गिस्तान के चोलपोन-अता में आयोजित एससीओ सदस्य देशों के संस्कृति मंत्रियों की 23वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

बैठक में मंत्रियों ने आने वाले समय में सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने, संयुक्त परियोजनाएं लागू करने, रचनात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने, बढ़ावा देने और संरक्षण देने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक के बाद एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए और 2026-2027 के लिए एससीओ के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों की सूची को मंजूरी दी गई।

अप्रैल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिश्केक में हुई एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और कट्टरपंथ जैसी 'बुराइयों' से निपटने के लिए सभी देशों से मिलकर और बिना किसी समझौते के कदम उठाने की जरूरत बताई थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे कृत्यों के लिए सुरक्षित ठिकानों को खत्म करना और किसी भी तरह के राजनीतिक समर्थन या औचित्य को खारिज करना जरूरी है।

एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी। इसके संस्थापक सदस्य चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान थे। साल 2017 में भारत और पाकिस्तान इसमें शामिल हुए। 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसके सदस्य बने। इसके बाद एससीओ में सदस्य देशों की संख्या बढ़कर 10 हो गई।

एससीओ में दो पर्यवेक्षक देश अफगानिस्तान और मंगोलिया हैं। इसके अलावा 14 संवाद साझेदार देश हैं अजरबैजान, आर्मेनिया, कंबोडिया, नेपाल, तुर्की, श्रीलंका, सऊदी अरब, मिस्र, कतर, बहरीन, मालदीव, म्यांमार, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत।

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Created On :   21 July 2026 8:25 PM IST

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