पेपर लीक मामला छुट्टी पर गए एमपीएससी चेयरमैन भीमनवार, पुणे के प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन वापस लिया
मुंबई/पुणे, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (एमपीएससी) के कथित पेपर लीक विवाद के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। एमपीएससी के चेयरमैन विवेक भीमनवार की ओर से घोषणा की गई है कि जब तक राज्य सरकार के आदेश पर मामले की ज्यूडिशियल जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे छुट्टी पर रहेंगे।
सोमवार सुबह 1:24 बजे एमपीएससी के चेयरमैन ने इस बात की घोषणा की। इस मामले में महाराष्ट्र सरकार की ओर से रविवार देर रात एक जांच पैनल बनाया गया था। कमीशन के एग्जाम प्रोसेस में पूरी तरह से बदलाव करने और पेपर लीक और एडमिनिस्ट्रेटिव गड़बड़ियों के आरोपों की जांच करने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को अपना सेक्रेटरी अपॉइंट किया।
इन दो घोषणाओं के बाद, पुणे में कॉम्पिटिटिव एग्जाम के उम्मीदवारों ने अपना 11 दिन लंबा सड़क पर चल रहा प्रोटेस्ट वापस ले लिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर एमपीएससी चेयरमैन विवेक भीमनवार की ओर से पारदर्शी और प्रशासनिक ईमानदारी के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने एमपीएससी पेपर लीक मामले की ज्यूडिशियल जांच की घोषणा की है। अपनी पूरी जिंदगी में, मैंने हमेशा एथिक्स को प्रायोरिटी दी है। इसलिए, मैंने इस जांच के पूरा होने तक पोस्ट पर काम करते रहने के बजाय इस समय छुट्टी पर जाने का फैसला किया है। एमपीएससी के स्टूडेंट्स की ऑटोनॉमी, क्रेडिबिलिटी और हित हमेशा मेरी प्रायोरिटी रहे हैं, और वे भविष्य में भी रहेंगे। जय हिंद! जय महाराष्ट्र।"
यह फैसला राज्य के पब्लिक वर्क्स मिनिस्टर शिवेंद्र राजे भोसले, पॉलिटिकल लीडर्स और प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स के एक डेलीगेशन के बीच आधी रात तक चली मैराथन मीटिंग के बाद आया। इस कामयाबी के बाद, प्रोटेस्ट कर रहे कैंडिडेट्स ने मौके पर तैनात पुलिस ऑफिसर्स की तारीफ की और उनका शुक्रिया अदा किया। मिनिस्टर शिवेंद्र राजे भोसले ने विधायक रोहित पवार और विश्वजीत कदम जैसे लीडर्स के साथ स्टूडेंट्स के साथ अच्छी बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य उनके साथ है।
एमपीएससी में सिस्टम की कमियों को दूर करने और बड़े एडमिनिस्ट्रेटिव सुधारों की सलाह देने के लिए, राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस जस्टिस दिलीप भोसले की अगुवाई में एक हाई-लेवल जांच और रिव्यू कमेटी का प्रस्ताव रखा है।
पत्रकारों से बात करते हुए रोहित पवार ने कहा, "हालांकि इसमें देर हुई लेकिन सरकार ने स्टूडेंट्स की मांगें मान ली हैं। हमारी मुख्य मांग इस्तीफा थी लेकिन स्टूडेंट्स के एग्जाम को ध्यान में रखते हुए, हमने आंदोलन रोकने का फैसला किया। यह जीत स्टूडेंट्स की एकता की है।" उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब वे विदर्भ के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।
रोहित पवार ने माना कि सरकार ने तुरंत इस्तीफा नहीं लिया बल्कि चेयरमैन विवेक भीमनवार को छुट्टी पर भेज दिया। हालांकि स्टूडेंट्स की शिकायतों को दूर करने के लिए वे काफी पीछे हट गए। उन्होंने कहा, "बच्चे एक कदम पीछे हटे लेकिन सरकार दस कदम पीछे हटी।"
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Created On :   12 Oct 2026 10:55 AM IST












