नेपाल की नई 'वेलनेस टूरिज्म' रणनीति, 2030 तक दस हजार पर्यटकों का लक्ष्य
काठमांडू, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और एडवेंचर टूरिज्म लंबे समय से पर्यटन उद्योग की पहचान रहे हैं, लेकिन अब नेपाली सरकार वेलनेस टूरिज्म को भी अपने मुख्य स्तंभों में शामिल करना चाहती है।
इसी उद्देश्य से संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ‘नेशनल वेलनेस टूरिज्म स्ट्रैटेजी (2026-2035) और एक्शन प्लान (2026-2030)’ शुरू किया है। इसका मकसद नेपाल को वेलनेस, आध्यात्मिक और एडवेंचर टूरिज्म के लिए एक आकर्षक जगह बनाना है, ताकि पर्यटन उत्पादों में विविधता आए और प्रतिस्पर्धा बढ़े। देश का लक्ष्य है कि 2030 के बाद हर साल 10,000 से ज्यादा वेलनेस पर्यटक आएं और 20 से 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई हो।
वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नेपाल सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी है कि साल 2027 को ‘वेलनेस टूरिज्म ईयर’ के रूप में मनाया जाएगा। 15 अप्रैल को देश ने पहला ‘वर्ल्ड वेलनेस डे’ भी मनाया, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किया है और इसमें नेपाल की बड़ी भूमिका रही।
इस रणनीति में चार मुख्य क्षेत्र शामिल हैं: स्पा और मसाज सेवाएं, आयुर्वेद क्लीनिक, योग व ध्यान और प्राकृतिक उपचार व आध्यात्मिकता।
योजना के अनुसार, नेपाल में कम से कम पांच प्रमुख जगहों पर इंटीग्रेटेड वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे और पर्यटकों की संतुष्टि बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा वेलनेस पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा। 2026-27 में पहले चरण में 500 से 1,000 विदेशी पर्यटकों को लाकर सुविधाओं का परीक्षण किया जाएगा। दूसरे चरण (2028-29) में सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा और 3,000 से 5,000 विदेशी पर्यटकों को लाने का लक्ष्य रखा गया है।
2030 के बाद इस रणनीति का लक्ष्य होगा कि नेपाल वेलनेस टूरिज्म के एक मजबूत और विकसित बाजार के रूप में उभरे और 10,000 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हर साल आने लगें।
इस रणनीति में 2027 तक वेलनेस टूरिज्म के लिए ब्रांड पहचान और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की भी योजना है। साथ ही ‘आरोग्य नेपाल’ (वेलनेस नेपाल) नाम से एक मार्केटिंग कैंपेन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा एक कोड ऑफ कंडक्ट भी लागू किया जाएगा और 2027 के अंत तक नेशनल वेलनेस स्टैंडर्ड्स और नियम बनाए जाएंगे।
मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में वेलनेस टूरिज्म की बहुत बड़ी संभावनाएं हैं क्योंकि यहां की संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराएं और प्राकृतिक वातावरण बहुत खास हैं।
मंत्रालय ने कहा कि भले ही दुनिया में वेलनेस टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन नेपाल की पारंपरिक उपचार पद्धतियों और शांत प्राकृतिक जगहों का अभी पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुआ है।
सरकार का मानना है कि बढ़ती मांग को देखते हुए यह एक अच्छा मौका है कि सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए और इससे मौसम पर निर्भर एडवेंचर टूरिज्म और पारंपरिक सांस्कृतिक पर्यटन पर निर्भरता भी कम होगी।
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Created On :   29 April 2026 8:52 PM IST












