होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने नेपाली नागरिक को हिरासत में लिया

होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने नेपाली नागरिक को हिरासत में लिया
नेपाल सरकार ने शुक्रवार को पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री मार्ग में चल रहे एक जहाज पर कार्यरत एक नेपाली नागरिक को ईरानी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। यह घटना अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच सामने आई है।

काठमांडू, 20 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल सरकार ने शुक्रवार को पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री मार्ग में चल रहे एक जहाज पर कार्यरत एक नेपाली नागरिक को ईरानी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। यह घटना अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच सामने आई है।

नेपाली नागरिक अमृत झा को हिरासत में लिए जाने की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आम तौर पर व्यस्त रहने वाले समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है।

इसके जरिए दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। पश्चिम एशिया में लाखों नेपाली नागरिक रहते हैं, जिनमें से अधिकांश खाड़ी देशों में प्रवासी मजदूर हैं। इस क्षेत्र में स्थिति बिगड़ने से नेपाल के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है, खासकर जब अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान जवाबी हमले कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के पश्चिम एशिया विभाग के संयुक्त सचिव रामकाजी खड़का ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में कहा, “अमृत झा, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर काम कर रहे थे, उन्‍हें उस समय हिरासत में लिया गया, जब ईरानी सशस्त्र बलों ने जहाज और उसके पूरे चालक दल पर नियंत्रण कर लिया।”

उन्होंने बताया कि झा की हिरासत की पुष्टि तब हुई जब उनके परिवार ने नेपाली अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में एक नेपाली नागरिक की मौत हो चुकी है और 30 अन्य को मामूली चोटें आई हैं।

नेपाल सरकार ने पहले ही पुष्टि की है कि पश्चिमी जिला गोरखा के निवासी नेपाली युवक दिवस श्रेष्ठ की यूएई के ज़ायेद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन अवरोधन अभियान के दौरान मौत हो गई थी।

मंत्रालय ने बताया कि‍ पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के जल्द समाप्त होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इस बीच, इस क्षेत्र में रहने और काम करने वाले कम से कम छह हजार नेपाली नागरिकों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण स्वदेश लौटने के लिए आवेदन किया है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र के 12 देशों में 17 लाख से अधिक नेपाली रहते हैं।

मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर पौडेल छेत्री ने बताया कि‍ मंत्रालय की ओर से लॉन्च ऑनलाइन रेस्क्यू ट्रैकिंग सिस्टम में अपने विवरण अपडेट करने वाले 82,100 नेपाली नागरिकों में से लगभग छह हजार ने घर लौटने में सहायता मांगी है।

मंत्रालय के अंतर्गत काउंसलर सेवा विभाग ने यह ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच नेपाली नागरिकों की जानकारी एकत्र करने और उनकी सहायता आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए शुरू की है।

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Created On :   20 March 2026 9:59 PM IST

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