एनएचएआई के नए दिशानिर्देश टोल प्लाजा पर शौचालय, पार्किंग और स्मार्ट निगरानी व्यवस्था होगी बेहतर

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं में सुधार के लिए टोल प्लाजा पर सार्वजनिक शौचालय सुविधाओं और निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों के उन्नयन, रखरखाव और स्मार्ट निगरानी के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बयान में कहा गया कि दिशानिर्देशों में मौजूदा सुविधाओं के उन्नयन, नियमित सफाई, प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी, नागरिकों की प्रतिक्रिया और प्रदर्शन-आधारित जवाबदेही के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और कार्यात्मक सार्वजनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।
बयान में कहा गया कि मौजूदा शौचालय सुविधाओं के पुनर्निर्माण से पहले तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा ताकि आवश्यक मरम्मत और प्रतिस्थापन की पहचान की जा सके।
उन्नयन में फर्श, प्लंबिंग, सैनिटरी फिटिंग, प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन, जल निकासी, साइनेज और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी। नियमित रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हाउसकीपिंग आवश्यकताएं और सफाई कार्यक्रम शौचालय ब्लॉकों के आकार और यातायात स्तर पर आधारित होंगे।
दिशा-निर्देशों में महिला राजमार्ग उपयोगकर्ताओं और रात में रुकने वाले परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त उपाय दिए गए हैं, जिनमें उचित प्रकाश व्यवस्था, टोल प्लाजा और पार्किंग क्षेत्रों की सीसीटीवी निगरानी, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें और सार्वजनिक सुविधाओं की उपलब्धता दर्शाने वाले स्पष्ट सूचना चिह्न शामिल हैं।
प्रत्येक टोल प्लाजा पर कम से कम एक सार्वभौमिक रूप से सुलभ शौचालय होना अनिवार्य है, जिसमें बाधा रहित पहुंच, उपयुक्त द्वार और विकलांग व्यक्तियों के लिए ग्रैब बार लगे हों।
टोल प्लाजा पर पार्किंग क्षेत्रों को निर्दिष्ट पार्किंग बे और उचित जल निकासी व्यवस्था के माध्यम से बेहतर बनाया जाएगा, साथ ही भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी प्रावधान किए जाएंगे।
प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी से पानी की उपलब्धता, गंध, सीवेज स्तर, रिसाव, बिजली आपूर्ति और शौचालय के उपयोग पर नजर रखने में मदद मिलेगी। पानी की कमी, सीवेज ओवरफ्लो और उपकरण खराबी जैसी समस्याओं के लिए अलर्ट मिलने से समय पर सुधारात्मक कार्रवाई संभव हो सकेगी।
स्मार्ट मॉनिटरिंग डेटा को एनएचएआई के केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया जाएगा, जिससे अधिकारियों को एक डिजिटल केंद्रीय डैशबोर्ड के माध्यम से सुविधाओं की स्थिति, रखरखाव, शिकायतों और एजेंसी के प्रदर्शन पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता राजमार्गयात्रा ऐप से जुड़े क्यूआर कोड और शौचालय सुविधाओं पर लगे टच स्क्रीन के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया साझा कर सकेंगे। डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतें और सुझाव अधिकारियों को समस्याओं और उनके समाधान की निगरानी करने में मदद करेंगे।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :  
