केन्द्र से पूछा सवाल: कांग्रेस का आरोप - पीएम मोदी का चीन-मोह, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ रहा है भारी, कूटनीतिक वार्ताओं से देश को क्या मिला

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर कई स्थानों पर आईटीबीपी और चीन की पीएलए के साथ टकराव की स्थिति बनी हुई है। इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। प्रमुख विपक्षी दल ने कहा है कि प्रधानमंत्री का चीन प्रेम, राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारी पड़ रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस ने सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बार-बार मुलाक़ातों और सैन्य-कूटनीतिक वार्ताओं से देश को क्या मिला?
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कांग्रेस मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आईटीबीपी के महानिदेशक ने इस बात की पुष्टि की है कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल के कई स्थानों पर टकराव की स्थिति बनी और यह अब भी जारी है। ये बेहद गंभीर चेतावनी हैं। मोदी सरकार अब इन पर चुप्पी साधकर नहीं बैठ सकती।
भारतीय एमएसएमई पर बढ़ रहा दबाव
खेड़ा ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि क्या ‘मेक इन इंडिया’ अब ‘इंपोर्ट फ्रॉम चाइना’ बन गया है? चीन से भारत का आयात वित्तीय वर्ष 2020-21 के 65.21 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2025–26 में 131.63 बिलियन डॉलर हो गया। सिर्फ़ एक साल में व्यापार घाटा 99.21 बिलियन से बढ़कर रिकॉर्ड 112.16 बिलियन डॉलर पहुंच गया। 16 अक्टूबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वयं माना कि करीब एक दशक की कोशिशों के बावजूद चीन की गैर-शुल्क बाधाओं के कारण भारतीय उत्पादों को पर्याप्त बाजार नहीं मिल रहा।
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