- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- नागपुर
- /
- उपराजधानी में कदम रखते ही दबोची गई...
नेपाल से नागपुर तक तलाशी: उपराजधानी में कदम रखते ही दबोची गई मॉडल श्रद्धा दुबे, 72 घंटे के ट्रांजिट वारंट पर उत्तर प्रदेश ले गई एसटीएफ

डिजिटल डेस्क, नागपुर। नेपाल सीमा से लेकर दिल्ली, आगरा और कानपुर तक तलाशी के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को आखिरकार वह सुराग नागपुर में मिला, जिसकी मदद से कथित तौर पर फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे तक पहुंचा जा सका है। 19 अक्टूबर की शाम उपराजधानी पहुंची श्रद्धा को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और नागपुर क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने वर्धा रोड स्थित एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ उसकी बहन रश्मी दुबे और कार चालक दानिश उर्फ तनवीर अली को भी हिरासत में लिया गया। तीनों को ट्रांजिट वारंट पर उत्तर प्रदेश ले जाया गया।
यह गिरफ्तारी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में की गई है। पुलिस के मुताबिक, शिवा 9 अक्टूबर को हजरतगंज थाना क्षेत्र में मृत मिले थे। शिकायतकर्ता रंजना शर्मा ने हत्या की आशंका जताते हुए शिवा की लिव-इन पार्टनर पर आरोप लगाए थे। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
शिवा की मौत के बाद से ही आरोपियों की तलाश की जा रही थी। उनके नेपाल, दिल्ली और आगरा की ओर जाने की खबरें सामने आई थीं। पुलिस को मिले सुरागों के अनुसार, नेपाल सीमा से लौटने के बाद आरोपी आगरा, दिल्ली और कानपुर होते हुए कार से नागपुर पहुंचे। फरारी के दौरान वे लगातार अपना ठिकाना और यात्रा के साधन बदल रहे थे।
बताया जा रहा है कि कानपुर में एक होटल में ठहरने के दौरान उन्होंने मैनेजर की मदद से नागपुर जाने के लिए कार किराये पर ली थी। रास्ते में वे आपस में बातचीत करने के लिए चालक को कार से नीचे उतार देते थे और उसके फोन तथा वाई-फाई का इस्तेमाल करते थे। इसी दौरान चालक ने उनकी कुछ बातचीत सुन ली, जो बाद में जांच के लिए अहम साबित हुई।
200 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाली
आरोपियों के नागपुर पहुंचने की सूचना मिलने के बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद शहर और आसपास के इलाकों के करीब 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक की भी मदद ली गई।
फुटेज में गणेशपेठ बस स्टैंड के आसपास संदिग्ध कार दिखाई दी। इसके बाद दो बुर्का पहनी महिलाएं कार से उतरकर ई-रिक्शा में बैठती नजर आईं। पुलिस ने ई-रिक्शा चालक का पता लगाया और उसे आरोपियों की तस्वीरें दिखाईं। महिलाएं बुर्के में होने के कारण वह उन्हें पहचान नहीं सका, लेकिन कार चालक दानिश की पहचान कर ली।
चालक की जानकारी से अपार्टमेंट तक पहुंची पुलिस
ई-रिक्शा चालक से मिले सुराग के आधार पर पुलिस वर्धा रोड स्थित प्रोजन क्लेम सोसायटी तक पहुंची। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वहां पहले से किराये पर लिए गए फ्लैट में ठहरे थे। चालक ने कथित तौर पर उनकी बातचीत में रात होटल में रुकने और अगले दिन 11 मंजिला इमारत में जाने की योजना का जिक्र सुना था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने परिसर की इमारतों में तलाशी अभियान चलाया।
आखिरकार स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने छापा मारकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें अवकाशकालीन अदालत में पेश किया गया, जहां से 72 घंटे का ट्रांजिट वारंट मिलने के बाद उत्तर प्रदेश रवाना किया गया।
कार्रवाई में नागपुर क्राइम ब्रांच के जोन-2 की निरीक्षक शुभांगी देशमुख सहित पप्पू कादरी, चेतन बोरखेडे, नितिन चुलपार, मनोज राउत और अमित देशमुख तथा उत्तर प्रदेश एसटीएफ के बृजेश मिश्रा, प्रकाश सिंह और असलम खान सहित अन्य कर्मियों ने भूमिका निभाई।
Created On :   21 Oct 2026 10:36 PM IST












