बढ़ेगा संकट: 4 बांधों से जलापूर्ति में 30 फीसदी कटौती को मंजूरी, दवलामेटी-नीलडोह-डिगडोह और वाड़ी पर असर

4 बांधों से जलापूर्ति में 30 फीसदी कटौती को मंजूरी, दवलामेटी-नीलडोह-डिगडोह और वाड़ी पर असर
  • अलनीनो के प्रभाव से जलसंकट गहराने की संभावना
  • दवलामेटी, नीलडोह, डिगडोह और वाड़ी में जल कटौती को मंजूरी

डिजिटल डेस्क, नागपुर. अलनीनो के प्रभाव से जलसंकट की संभावना को देखते हुए दवलामेटी, नीलडोह, डिगडोह और वाड़ी में जल कटौती को मंजूरी दी गई है। इन इलाकों में जलसंपदा विभाग के 4 बांधों से जलापूर्ति होती है, लेकिन हाल ही में राज्य सरकार के 10 फीसदी जल कटौती के आदेश के बाद जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने 30 फीसदी जल कटौती करने का निर्देश दिया है। बांधों में कम जलसंचय होने से कटौती का निर्णय लिया गया है, वहीं, औद्योगिक क्षेत्र कलमेश्वर एमआईडीसी को भी 40 फीसदी की पानी कटौती की जाएगी। बता दें कि राज्य सरकार ने 5 अक्टूबर को राज्य भर में जल कटौती के लिए निर्देश दिए हैं। इस निर्देश में पेयजल आपूर्ति में 10 फीसदी कटौती और औद्योगिक इस्तेमाल में 30 फीसदी कटौती शामिल है।

समीक्षा में यह आया सामने

जिलाधिकारी कार्यालय में जिले में बांधों की स्थिति और जल कटौती को लेकर समीक्षा की गई। इस दौरान जलसंपदा विभाग के अधिकारियों ने बांधों के जलसंचय की जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक जिले में 15 अक्टूबर तक बड़े, मध्यम और लघु समेत कुल 77 बांध में अनुपातिक रूप में 51.55 फीसदी संचय मौजूद है। जिले के 5 बड़े बांधों में 50.28 फीसदी, 12 मध्यम श्रेणी के बांध में 57.78 फीसदी और लघु श्रेणी के 60 बांधों में 56.42 फीसदी जलसंचय बना हुआ है। पिछले साल 15 अक्टूबर को बड़े बांधों में 97.93 फीसदी, मध्यम श्रेणी बांधों में 99.98 फीसदी और लघु बांधों में 82.36 समेत अनुपातिक रूप में 98.18 फीसदी संचय था। ऐसे में अब ग्रामीण क्षेत्र के अनेक इलाकों में 30 फीसदी जलकटौती को देवलामाटी, नीलडोह, डिगडोह और वाड़ी में लागू कर दिया गया है।

इस्तेमाल में सावधानी जरूरी

जलसंपदा विभाग की कार्यकारी अभियंता प्रांजलि टोंगसे ने कहा कि कम बरसात के चलते बांधों में जलस्तर में कमी बनी हुई है। लगातार वाष्पीकरण प्रक्रिया से मौजूदा संचय भी तेजी से कम हो रहा है। ऐसे में पेयजल और औद्योगिक इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जा रही है। भविष्य की स्थिति को देखते हुए पानी के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की आवश्यकता है।


Created On :   19 Oct 2026 7:19 PM IST

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