- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- नागपुर
- /
- स्वास्थ्य योजनाओं में पीईटी-सीटी...
योजना का लाभ: स्वास्थ्य योजनाओं में पीईटी-सीटी जांच का दायरा बढ़ा, नागपुर के कैंसर मरीजों को राहत

डिजिटल डेस्क, नागपुर. कैंसर के निदान और उपचार की निगरानी में महत्वपूर्ण पीईटी-सीटी जांच अब महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अधिक मरीजों को उपलब्ध होगी। राज्य सरकार ने तीन दिन पहले जारी अधिसूचना में कैंसर से जुड़े 63 उपचार पैकेजों में इसे अतिरिक्त जांच के रूप में शामिल किया है। साथ ही 13 प्रकार के कैंसर उपचारों में स्वतंत्र जांच प्रक्रिया के तौर पर मंजूरी दी गई है। पहले यह सुविधा 44 पैकेजों तक सीमित थी।
तंबाकू से जुड़े कैंसर और मुख कैंसर के मामलों की संख्या अधिक होने के कारण इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है। महंगी जांच के खर्च के चलते कई मरीज इसे टाल देते हैं। योजना के विस्तार से पात्र मरीजों को समय पर जांच कराने में मदद मिल सकती है।
यह भी पढ़े -एमपी बस स्टैंड के मैनेजर सहित 10 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज, आरोपियों में बस चालक - मैनेजर और एजेंट शामिल
कैंसर के हजारों नए मामले
राष्ट्रसंत तुकड़ोजी क्षेत्रीय कैंसर अस्पताल (आरएसटी कैंसर हॉस्पिटल) में सालाना करीब 5,500 नए कैंसर मरीजों का पंजीयन होता है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (मेडिकल) के कैंसर रोग विभाग में भी हर साल 2,500 से अधिक नए मामले दर्ज होते हैं। वहीं, शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (जीडीसीएच) में सालाना मुख कैंसर के 1,900 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आते हैं। इनमें लगभग 60 फीसदी मामले तंबाकू से जुड़े होते हैं।
'दवाखाना आपल्या दारी' अभियान के तहत दिसंबर 2023 से अगस्त 2025 तक जिले में 2,870 संदिग्ध कैंसर मरीज मिले। इनमें मुख कैंसर के 2,036 मामले थे। सावनेर, रामटेक और पारशिवनी जैसे क्षेत्रों में ऐसे मामले अधिक पाए गए।
यह भी पढ़े -स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वोट डालते समय न करें ये गलतियां, वरना अमान्य हो जाएगा मतदान - कुछ खास टिप्स हैं आपके लिए
जांच के लिए सरकारी दरें निर्धारित
जिले में महात्मा फुले और आयुष्मान भारत योजनाओं से जुड़े करीब 94 अस्पताल हैं। इनमें 24 सरकारी और 71 निजी अस्पताल बताए गए हैं। योजनाओं के तहत जिले में सालाना लगभग एक लाख मरीज लाभ लेते हैं।
पीईटी-सीटी जांच की सुविधा एम्स, मेडिकल सहित कुछ निजी अस्पतालों में उपलब्ध है। योजना का लाभ उन्हीं अस्पतालों में मिलेगा, जहां जांच केंद्र, आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद हैं।
यह भी पढ़े -स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वोट डालते समय न करें ये गलतियां, वरना अमान्य हो जाएगा मतदान - कुछ खास टिप्स हैं आपके लिए
सरकार ने विभिन्न पीईटी-सीटी जांचों के लिए दरें निर्धारित की हैं:
- पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जांच: ₹20,500
- ब्रेन पीईटी-सीटी जांच: ₹14,650
- गैलियम-68 पीईटी-सीटी जांच: ₹15,000
- कार्डियक पीईटी-सीटी जांच: ₹1,500
वर्तमान में निजी अस्पतालों में सामान्य पीईटी-सीटी जांच के लिए मरीजों को करीब ₹15,000 से ₹35,000 तक खर्च करना पड़ता है। योजना के तहत सुविधा पाने के लिए मरीजों को आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
यह भी पढ़े -दुर्गा विसर्जन की तैयारियां पूरी, उपराजधानी के इन तीन स्थानों पर होगा 763 प्रतिमाओं का विसर्जन
समय पर जांच से उपचार में मिलेगी मदद
यहां मुख, स्तन, गर्भाशय ग्रीवा और हेड-नेक कैंसर के मरीज बड़ी संख्या में हैं। उपचार पैकेजों में पीईटी-सीटी जांच शामिल होने से बीमारी की स्थिति जानने, उपचार की योजना बनाने और इलाज के बाद निगरानी में मदद मिलेगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगी जांच के लिए अपनी जेब से खर्च करने का बोझ कम हो सकता है। हालांकि, सुविधा का लाभ पात्रता, संबंधित उपचार पैकेज और योजना में शामिल अस्पताल की उपलब्धता के अनुसार ही मिलेगा।
Created On :   19 Oct 2026 2:08 PM IST












