मां जगदंबा कार्यक्रम: माताओं का हुआ सम्मान तो छलक उठे खुशी के आंसू, मातृशक्ति को वंदन सत्र में रिश्ते सहेजने का अनोखा संदेश

माताओं का हुआ सम्मान तो छलक उठे खुशी के आंसू, मातृशक्ति को वंदन सत्र में रिश्ते सहेजने का अनोखा संदेश

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मां का सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि उनके त्याग, समर्पण और ममता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने से होता है। जीवनभर परिवार की खुशियों के लिए समर्पित रहने वाली मां को जब सबके सामने सम्मान मिलता है, तो उसकी आंखों से छलकने वाले आंसू भावनाओं की अभिव्यक्ति बन जाते हैं। ऐसा ही भावुक दृश्य रविवार को गांधीबाग उद्यान में देखने को मिला। इंद्रधनुष ओपन माइक ग्रुप की ओर से नवरात्रोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘मां जगदंबा’ कार्यक्रम में ‘मातृशक्ति को वंदन’ सत्र रखा गया। इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु की माताओं को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इस दौरान माताओं के सम्मान से उनकी संतानों की आंखें नम हुईं, वहीं सम्मान पाकर माताओं की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। भावनाओं से भरे इस माहौल ने उपस्थित लोगों को अभिभूत कर दिया।

मां को चाहिए प्रेम, आदर और साथ

कार्यक्रम की शुरुआत माताजी के छायाचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और आरती के साथ हुई। इसके बाद अरुणोदय परिवार, इंद्रधनुष ओपन माइक, स्वर अलंकार और संगीत सरिता परिवार के कलाकारों ने माता के भजनों और भक्तिगीतों की प्रस्तुतियां दीं।

खुशी क्षीरसागर ने कहा कि मां के लिए सबसे अनमोल उपहार महंगे तोहफे नहीं, बल्कि संतान का प्रेम, आदर और साथ है। नवरात्रोत्सव में देवी के रूप में कन्या पूजन के साथ परिवार का संबल बनी माताओं के त्याग, अनुभव और योगदान का सम्मान करना भी हमारा कर्तव्य है। मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि परिवार की नींव, संस्कारों की पहली पाठशाला और हर कठिन परिस्थिति में संबल देने वाली शक्ति है।

कार्यक्रम में कुसुम सोनकुसरे, सुमन चिंचघरे, सुहास मोरस्कर, सीमा काले, दसरीबाई चावरे और नंदा पुंजलवार सहित अन्य माताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पांच वर्षीय बालिका अन्वी कोसारकर ने माता के रूप में दर्शन दिए। उसके अभिनय ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।

आयोजन में सभी ने निभाई जिम्मेदारी

कार्यक्रम में विजय गुगलानी ने कलाकारों और आयोजक टीम के सदस्यों को माता की लाल चुनरी पहनाकर सम्मानित किया। विमल पौनीकर, मीनाक्षी सातपुते, डॉ. पुष्पलता नंदनवार, अशोक सुगंध, सुभाष कापसे, चंदू निपाने, वासुदेव मौंदेकर और लक्ष्मी गोखले सहित विभिन्न सहयोगियों ने आयोजन में योगदान दिया।

श्री योग नृत्य परिवार की टीम, गांधीबाग हास्य क्लब, न्यू जयगोपाल योगासन एवं जिम मंडल और अशोक धापोड़कर मित्र परिवार ने छायाचित्र, पूजा सामग्री, प्रसाद और तुलसी के पौधों सहित आवश्यक व्यवस्थाएं संभालीं। तकनीकी सहयोग जगदीश वाठ, अरविंद कोसारकर और दिलीप पराते ने दिया।

कार्यक्रम में प्रस्तुतियां देने वाले कलाकारों में बबन सोनकुसरे, विलास तिवसकर, आशीष नंदनवार, विजया एवं विजय शेणमारे, राजेश धकाते, सी. वेंकट मधु, राजू अहिरकर, सुरेश मोरस्कर, मीनाक्षी निपाने, वर्षा भिवापुरकर, अशोक हिंगणेकर, राजश्री मसमारे, हेमराज भिवापुरकर, अविनाश लोखंडे और मनीष सुशीबिने सहित अन्य कलाकार शामिल रहे। अंत में प्रसाद वितरण किया गया।

Created On :   19 Oct 2026 5:37 PM IST

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