ममता बनर्जी की सरकार ने हेल्थकेयर सिस्टम को पूरा बर्बाद कर दियाः सीएम सुवेंदु अधिकारी
कोलकाता, 1 जुलाई (आईएएनएस)। नेशनल डॉक्टर्स डे पर पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया। आरोप लगाया कि टीएमसी की सरकार ने राज्य की हेल्थकेयर व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित बिधाननगर अस्पताल में बुधवार सुबह 'नेशनल डॉक्टर्स डे' पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के समय हुई भारी बर्बादी प्रशासन के हर क्षेत्र में, खासकर हेल्थकेयर सेक्टर में साफ दिखती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "1977 में मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद स्वर्गीय ज्योति बसु ने पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. बिधान चंद्र रॉय के बारे में एक दिलचस्प बात कही थी, उन्हीं के जन्मदिन पर 'नेशनल डॉक्टर्स डे' मनाया जाता है। बसु ने कहा था कि विकास का जो भी काम वे उस समय शुरू करना चाहते थे, उसे बिधान चंद्र रॉय पहले ही शुरू कर चुके थे। और अब मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद, मैं जिस भी क्षेत्र में काम करता हूं, वहां पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा की गई बर्बादी को देख सकता हूं।"
उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी की पिछली सरकार के दौरान राज्य में हेल्थकेयर सिस्टम को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, "बंगाल में मेडिकल सिस्टम की ऐसी उपेक्षा ठीक नहीं थी। लेकिन मुझे इन सबके बीच आगे बढ़ना है और यह पक्का करना है कि राज्य का हेल्थकेयर सिस्टम राजनीतिक दखल से मुक्त हो। हेल्थकेयर सिस्टम भाई-भतीजावाद और पक्षपात के माहौल में काम नहीं कर सकता।"
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जो लोग भगवान में भरोसा रखते हैं, वे यह भी मानते हैं कि हर इंसान में भगवान का वास होता है और इसलिए इंसानों की सेवा करना ही भगवान की सेवा है।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "स्वामी विवेकानंद ने भी एक बार हमें भगवान की सेवा के लिए इंसानों की सेवा करने की सलाह दी थी। इसलिए, अब हमें पश्चिम बंगाल में हेल्थकेयर सिस्टम को बेहतर बनाना है और इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। दूसरे राज्यों के सभी बड़े अस्पतालों में सबसे अधिक मरीज पश्चिम बंगाल के ही होते हैं। ऐसी स्थिति क्यों होनी चाहिए? पश्चिम बंगाल में इलाज की पर्याप्त सुविधाएं क्यों नहीं होनी चाहिए?"
मुख्यमंत्री ने कहा, "बेवजह के राजनीतिक दखल ने राज्य की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को बहुत खराब हालत में पहुंचा दिया था। यह स्थिति तब और भी दुखद है, जब पश्चिम बंगाल के लोग प्रतिभा के मामले में न केवल भारत के अन्य राज्यों, बल्कि दुनिया के कुछ सबसे विकसित देशों को भी पीछे छोड़ सकते हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए, उनके नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार द्वारा उठाया गया पहला कदम पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना को लागू करना था। यह एक ऐसा कदम है, जिसे पिछली सरकार ने लागू नहीं होने दिया था।
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Created On :   1 July 2026 3:13 PM IST












