ऑपरेशन 'म्यूल हंट 2.0' गुजरात पुलिस ने साइबर ठगी और भावनगर बैंक हैकिंग मामले में चार आरोपियों को दबोचा

ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 गुजरात पुलिस ने साइबर ठगी और भावनगर बैंक हैकिंग मामले में चार आरोपियों को दबोचा
गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीआईडी क्राइम) ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत साइबर ठगी और भावनगर जिला सहकारी बैंक हैकिंग मामले में अहमदाबाद और सूरत से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में देशभर में फैले साइबर अपराध नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

अहमदाबाद, 3 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीआईडी क्राइम) ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत साइबर ठगी और भावनगर जिला सहकारी बैंक हैकिंग मामले में अहमदाबाद और सूरत से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में देशभर में फैले साइबर अपराध नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

सीआईडी क्राइम के अनुसार, पिछले एक महीने के दौरान 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत अब तक कुल 55 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों की नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांच करने पर पता चला कि वे देशभर में दर्ज 1,117 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़े हैं। इन मामलों में करीब 802 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी हुई है।

एक मामले में अहमदाबाद के वस्त्राल निवासी विशाल डोडिया को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि उसने 'चामुंडा कम्युनिकेशन' नाम से फर्जी फर्म बनाकर अलग-अलग बैंकों में तीन खाते खुलवाए थे।

पुलिस के मुताबिक, इन खातों की जानकारी साइबर ठगी गिरोह के सदस्यों को दी गई, जिन्होंने विभिन्न राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी कर हासिल रकम इन खातों के जरिए जमा और ट्रांसफर की।

जांच में पाया गया कि 'चामुंडा कम्युनिकेशन' के खाते देशभर में दर्ज 253 से अधिक साइबर अपराध मामलों से जुड़े हैं, जिनमें करीब 161 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।

इन मामलों में सबसे अधिक शिकायतें महाराष्ट्र (56), कर्नाटक (28), गुजरात (23), तेलंगाना और उत्तर प्रदेश (20-20), राजस्थान (18), तमिलनाडु (16), दिल्ली (14), पश्चिम बंगाल (13), केरल (8), आंध्र प्रदेश (7), असम और पंजाब (5-5), बिहार (4), हरियाणा और जम्मू-कश्मीर (3-3), छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड (2-2) तथा अरुणाचल प्रदेश और झारखंड (1-1) से दर्ज हुई हैं।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 317(2), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है।

एक अन्य मामले में भावनगर जिला सहकारी बैंक हैकिंग की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपियों ने बैंक के सर्वर, डेटाबेस और कोर बैंकिंग सिस्टम में अवैध रूप से प्रवेश कर इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर की। इसके बाद फर्जी खाते बनाकर उनमें बैलेंस दिखाया गया और 7.34 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।

पुलिस के अनुसार, इस हेराफेरी से बैंक को आर्थिक नुकसान हुआ, जबकि आरोपियों ने अवैध वित्तीय लाभ कमाया।

जांच के दौरान मोबाइल फोन और बैंक रिकॉर्ड की पड़ताल के आधार पर सूरत से मोहम्मद खालिक गुलाम हुसैन (40) और शोएब गुलाबनबी राणा (38) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, खालिक संबंधित बैंक खाते का धारक था, जबकि शोएब उसका संचालन करता था।

सीआईडी क्राइम ने म्यूल बैंक खातों से जुड़े एक अन्य मामले में अहमदाबाद निवासी अफजल पीर मोहम्मद मंसूरी को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि जब्त मोबाइल फोन की जांच में 197 बैंक खातों का पता चला, जिनमें से 60 खाते देशभर में दर्ज 132 से अधिक साइबर अपराध मामलों से जुड़े पाए गए। इन मामलों में करीब 53.55 करोड़ रुपये की कथित साइबर ठगी सामने आई है।

ये शिकायतें गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पंजाब, असम, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पुडुचेरी, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और वे न्यायिक हिरासत में हैं। सीआईडी क्राइम ने कहा कि 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत साइबर अपराधियों और फर्जी बैंक खातों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   3 July 2026 4:54 PM IST

Tags

Next Story