राबड़ी और लालू प्रसाद की सुरक्षा हटाए जाने पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना की, एनडीए ने कहा - यह 'स्टेटस सिंबल' नहीं है
नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली बिहार सरकार पर निशाना साधा।
यह बयान लालू-राबड़ी परिवार की सुरक्षा में कटौती पर सामने आए। भाजपा ने राबड़ी देवी और लालू यादव पर तंज कसा और कहा कि सुरक्षा कवर कोई "स्टेटस सिंबल" नहीं है।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बिहार में भाजपा सरकार पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर बहस करने से बचना चाहिए।
उन्होंने आईएएनएस से कहा, "मैं तेजस्वी यादव से भी आग्रह करूंगा कि यह बहस का मुद्दा नहीं है, आप एक मजबूत समाज के नेता हैं। सरकार हमेशा विपक्ष को निशाना बनाती है। उसके पास कोई और मुद्दा नहीं है।"
कांग्रेस नेता आरिफ नसीम खान ने मामले को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। उन्होंने टिप्पणी की, "जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी, चाहे केंद्र सरकार के स्तर पर हो या राज्य स्तर पर, विपक्षी नेताओं को दबाने और डराने की कोशिश कर रही है, वह बेहद चिंताजनक है। यह देश के लोकतंत्र को धीरे-धीरे कमजोर कर रहा है।"
इस घटना को 'निंदनीय' बताते हुए नसीम खान ने कहा, "जिन नेताओं को हर जगह जाने पर सुरक्षा की आवश्यकता होती है, उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए और इसे सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।"
हालांकि, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सुरक्षा के लिए कुछ सरकारी नियम होते हैं। अगर कोई उन नियमों के दायरे में आता है, तो उन्हें सुरक्षा दी जाती है। लेकिन सरकार का कहना है कि वे उन शर्तों को पूरा नहीं करते, तो फिर सुरक्षा कैसे दी जा सकती है?
उन्होंने टिप्पणी की, "अगर वे 'स्टेटस सिंबल' के लिए ऐसा कर रहे हैं, तो लालू यादव को मुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी) से कहना चाहिए कि 'यह हमारे लिए स्टेटस सिंबल है, कृपया हमें सुरक्षा दें'।"
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "यह अच्छी बात है कि वे (राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव) सुरक्षा नहीं चाहते, फिर भी सरकार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें सुरक्षा देने के लिए तैयार है।"
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार सरकार ने कुछ जरूरी कदम उठाए थे और उसी के जवाब में उन्होंने (राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव) अपनी सुरक्षा छोड़ दी।
जेडयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह जानबूझकर मतभेद पैदा करने की कोशिश है। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि यह सरकार की एक प्रक्रिया है जो नेताओं के लिए सुरक्षा तय करती है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
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Created On :   6 Jun 2026 11:29 PM IST












