देश भर में जारी हुए 77 लाख से अधिक वार्षिक फास्टैग पास, नेशनल हाईवे पर दर्ज हुए 63 करोड़ ट्रांजैक्शन्स सरकार

देश भर में जारी हुए 77 लाख से अधिक वार्षिक फास्टैग पास, नेशनल हाईवे पर दर्ज हुए 63 करोड़ ट्रांजैक्शन्स सरकार
देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि जून 2026 तक 77 लाख से अधिक वार्षिक फास्टैग पास जारी किए जा चुके हैं। इन पासों के माध्यम से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर 63 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं।

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि जून 2026 तक 77 लाख से अधिक वार्षिक फास्टैग पास जारी किए जा चुके हैं। इन पासों के माध्यम से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर 63 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि वर्तमान में कार, जीप और वैन श्रेणी के वाहनों द्वारा किए जाने वाले कुल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) लेनदेन में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी वार्षिक फास्टैग पास की है। उन्होंने कहा कि इस योजना से टोल संचालन अधिक कुशल हुआ है और सड़क उपयोगकर्ताओं की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनी है।

मंत्री ने बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने टोल शुल्क से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए कई शिकायत निवारण व्यवस्थाएं विकसित की हैं। इसके अलावा टोल शुल्क संग्रह में पारदर्शिता और संचालन की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने फास्टैग-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम लागू किया है।

सरकार के अनुसार, वर्तमान में नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (एनईटीसी) कार्यक्रम के तहत नेशनल हाईवे पर होने वाले कुल टोल शुल्क संग्रह का करीब 98 प्रतिशत फास्टैग के माध्यम से किया जा रहा है।

सरकार ने बताया कि सभी फास्टैग लेनदेन एक सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था के तहत पूरे किए जाते हैं, जिसमें टोल मैनेजमेंट सिस्टम सॉफ्टवेयर, टोल प्लाजा का अक्वायरर बैंक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) केंद्रीय क्लियरिंग हाउस के रूप में तथा फास्टैग जारी करने वाला बैंक शामिल होता है। इस प्रक्रिया में काटे गए टोल शुल्क की जानकारी तुरंत वाहन चालक को दी जाती है और प्रत्येक लेनदेन का रिकॉर्ड केंद्रीय डेटाबेस में सुरक्षित रखा जाता है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम को इस तरह तैयार किया गया है कि अक्वायरर बैंक, एनपीसीआई और फास्टैग जारी करने वाले बैंक की भागीदारी के बिना कोई भी फास्टैग लेनदेन संभव नहीं है, जिससे पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहती है।

सरकार ने यह भी बताया कि टोल व्यवस्था को और आधुनिक बनाने तथा वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित एनालिटिक्स और आरएफआईडी आधारित फास्टैग सिस्टम पर आधारित मल्टी लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोल प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस नई व्यवस्था में वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने, गति धीमी करने या किसी विशेष लेन में प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी और टोल शुल्क स्वतः उनके खाते से कट जाएगा।

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Created On :   22 July 2026 7:00 PM IST

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