पाकिस्तान एफआईए की रेड बुक में शामिल पूर्व एलीट फोर्स कर्मचारी मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार

पाकिस्तान एफआईए की रेड बुक में शामिल पूर्व एलीट फोर्स कर्मचारी मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार
पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि जून 2023 में ग्रीस में हुई नाव दुर्घटना में शामिल एक मानव तस्कर को हिरासत में लिया गया है। यह तस्‍कर एफआईए की रेड बुक में शामिल था। गिरफ्तार आरोपी पहले पाकिस्तान की एलीट फोर्स में कांस्टेबल के रूप में सेवा दे चुका था।

इस्लामाबाद, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि जून 2023 में ग्रीस में हुई नाव दुर्घटना में शामिल एक मानव तस्कर को हिरासत में लिया गया है। यह तस्‍कर एफआईए की रेड बुक में शामिल था। गिरफ्तार आरोपी पहले पाकिस्तान की एलीट फोर्स में कांस्टेबल के रूप में सेवा दे चुका था।

पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन के अनुसार, जनवरी में गिरफ्तार तस्कर ने पाकिस्तान के गुजरात जिले के माजरा शुमाली गांव में एक छापे के दौरान एफआईए टीम पर हमला किया था। पुलिस ने उसे हत्या के प्रयास और अन्य आरोपों में नामजद किया था।

एक वरिष्ठ एफआईए अधिकारी के अनुसार, मानव तस्कर वकास अली उर्फ वकास बट को एफआईए कंपोजिट सर्कल, गुजरात ने गिरफ्तार किया था। आरोपी 2025 के रेड बुक में शामिल है और कई एफआईए मामलों में घोषित अपराधी है।

डॉन ने एफआईए अधिकारी के हवाले से बताया कि आरोपी सीधे तौर पर 2023 में लीबिया जहाज हादसे से जुड़ा हुआ था। उसने प्रभावित परिवारों से लगभग तीन मिलियन पाकिस्तानी रुपए वसूले, यह वादा करके कि वह उन्हें लीबिया से ग्रीस के लिए अवैध समुद्री मार्ग से भेज देगा। आरोपी एक पुराना एलीट फोर्स कांस्टेबल है, जिसे 2023 में गुजरात पुलिस ने नौकरी से निकाल दिया था।

पिछले महीने एफआईए ने यूरोप में घुसने के लिए उमरा वीजा का इस्तेमाल करने की कथित कोशिश के लिए मुल्तान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक प्लेन से दो यात्रियों को उतार दिया था।

एफआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि इमिग्रेशन स्टाफ ने मुल्तान एयरपोर्ट पर बाहर जाने वाले यात्रियों की रूटीन स्क्रीनिंग के दौरान कार्रवाई की। दो पाकिस्तानी नागरिक सिकंदर आलम और नूर इस्लाम उमरा करने के लिए सऊदी अरब जा रहे थे। हालांकि, शुरुआती जांच में शक हुआ, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें डिटेल्ड प्रोफाइलिंग के लिए सेकेंडरी स्क्रीनिंग के लिए भेजा।

सिकंदर आलम और नूर इस्लाम ने पूछताछ में बताया कि उनका असली गंतव्य सऊदी अरब नहीं बल्कि स्पेन था। एफआईए अधिकारियों ने कहा कि यह हालिया मामला एफआईए मुख्यालय की ओर से जारी चेतावनियों के अनुरूप है, जिसमें बताया गया है कि लोग उमरा वीजा का इस्तेमाल करके यूरोप में अवैध प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं।

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Created On :   3 April 2026 9:15 PM IST

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