उत्तर प्रदेश ‘फार्मर रजिस्ट्री’ ने पकड़ी रफ्तार, 24.63 लाख किसानों का पंजीकरण

उत्तर प्रदेश ‘फार्मर रजिस्ट्री’ ने पकड़ी रफ्तार, 24.63 लाख किसानों का पंजीकरण
उत्तर प्रदेश में किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और सीधा लाभ सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अभियान तेजी से गति पकड़ रहा है। राज्य में अब तक 24.63 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 1.62 करोड़ से अधिक गाटों का डिजिटल मिलान कर कृषि व्यवस्था को तकनीकी आधार पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है।

लखनऊ, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और सीधा लाभ सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अभियान तेजी से गति पकड़ रहा है। राज्य में अब तक 24.63 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 1.62 करोड़ से अधिक गाटों का डिजिटल मिलान कर कृषि व्यवस्था को तकनीकी आधार पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है।

राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल के तहत 3 अप्रैल की शाम 5 बजे तक कुल 24,63,678 किसानों का सफलतापूर्वक पंजीकरण किया जा चुका है। इसके साथ ही 1,62,49,634 गाटों (प्लॉट) का विवरण ‘फार्मर रजिस्ट्री’ पोर्टल पर दर्ज किया गया है, जो प्रदेश में कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण को नई दिशा दे रहा है।

जनपदवार प्रगति की बात करें तो लखीमपुर खीरी 88,141 किसानों के पंजीकरण के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर बना हुआ है। इसके बाद हरदोई (84,657), सीतापुर (77,532), प्रयागराज (68,918) और बहराइच (66,220) का स्थान है। वहीं आजमगढ़ (63,892), जौनपुर (63,330) और गोरखपुर (58,359) जैसे जनपदों में भी पंजीकरण अभियान ने उल्लेखनीय गति पकड़ी है।गाटों के डिजिटल मिलान में भी लखीमपुर खीरी 6,70,307 गाटों के साथ शीर्ष पर है।

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि ‘फार्मर रजिस्ट्री’ का उद्देश्य प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट पहचान (आईडी) प्रदान करना है, जिससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और बीज-उर्वरक अनुदान जैसी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक बिना किसी बिचौलिए के पहुंचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिविरों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से शेष किसानों का पंजीकरण शीघ्र पूर्ण कराएं, ताकि कोई भी पात्र किसान इस डिजिटल व्यवस्था से वंचित न रह जाए।

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Created On :   3 April 2026 9:11 PM IST

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